BREAKING

छत्तीसगढ़फीचर्ड

SDOP सिद्धार्थ बघेल एवं ASI की उत्कृष्ट विवेचना एवं जांच कार्यवाही से नाबालिक पीड़िता के दुष्कर्मी को मिला आजीवन कारावास की सजा

पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना एवं जांच कार्यवाही से नाबालिक पीड़िता के दुष्कर्मी को किया गया आजीवन कारावास की सजा से दंडित, शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, किसी को बताने पर देता था जान से मारने की धमकी…

बलौदाबाजार। थाना भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र में एक अनुसूचित जाति की नाबालिग लड़की को उसके वैध संरक्षक की सम्मति के बिना अन्यत्र ले जाकर व्यपहरण और बलात्संग करने वाले आरोपी दीनानाथ निषाद निवासी ग्राम जांगड़ा को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) भाटापारा किरण त्रिपाठी ने आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। प्रकरण की प्रार्थिया द्वारा थाना भाटापारा ग्रामीण में उपस्थित होकर इस आशय का रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 03-03-2021 को ग्राम जांगड़ा के दीनानाथ निषाद से जान पहचान होने पर पर दोनों के मध्य मोबाइल से बात करते थे। उसी दौरान 11-03-2021 को उसने अपने साथ टोहड़ीघाट घूमाने ले गया और उसे शादी करूँगा कहकर बहला फुसलाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद एक माह बाद आरोपी पुनः उसे अपनी मोटरसाइकल से बुचीपार ले जाकर शारीरिक संबंध बनाया।

दिनांक 19-08-2021 को प्रातः 11 बजे आरोपी उसे तोहडीघाट घुमाकर शाम तक छोड़ दूंगा कहते हुए उसे भाटापारा के रेलवे स्टेशन ले आया और ट्रेन से उत्तरप्रदेश का टिकट कटाकर अपने साथ ट्रेन मे बैठा लिया और पेंड्रा स्टेशन पहुँचने पर पानी पीकर आ रहा हूँ बोलकर आरोपी उसे अकेले छोड़कर भाग गया। जब वह सागर पहुँची। तब किसी तरह अपने घरवालों को सूचना देकर वह अपनी माँ के साथ घर वापस आई। वापस आने पर आरोपी द्वारा फिर से उसे घुमाने और शारीरिक संबंध बनाने तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दिया जाने लगा और मारपीट भी किया गया, जिससे डर गई व कुछ दिन बाद थाने मे रिपोर्ट दर्ज कराई।

उक्त रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर सिद्धार्थ बघेल एसडीओपी भाटापारा एवं भाटापारा ग्रामीण से सहायक उप निरीक्षक जीवनलाल वर्मा द्वारा आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करते हुए उत्कृष्ट विवेचना एवं जांच कार्यवाही कर प्रकरण में विवेचना पूर्ण कर चलान माननीय विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। माननीय विशेष न्यायाधीश किरण त्रिपाठी ने प्रकरण की गंभीरता एवं साक्ष्यों के परिशीलन करने बाद आरोपी द्वारा किया गया अपराध सिद्ध होना पाया।

न्यायालय द्वारा आरोपी दीनानाथ निषाद को भादवि की धारा 363 में सात वर्ष का सश्रम कारावास व ₹500, धारा 366 में 10 वर्ष सश्रम कारावास व ₹1000 जुर्माना, धारा 376(3) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹1000 जुर्माना, धारा 506 भाग दो में 02 वर्ष का सश्रम कारावास ₹1000, धारा 323 में 06 माह का सश्रम कारावास व ₹500, पाक्सो की धारा 4, 6 में 10 वर्ष सश्रम कारावास व ₹1000 जुर्माना तथा एसटीएससी की धारा 3(2)(V) में भी आजीवन कारावास एवं ₹1000 के दंड से दंडित किया गया है।

Related Posts