
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पूरे देश में लॉकडाउन होने के बाद छात्रों के लिए गुरुवार को एक पत्र लिखा। इस पत्र के जरिए बोर्ड के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने छात्रों को एक संदेश दिया है। अपने संदेश में उन्होंने लॉकडाउन को शिक्षा के लिए एक सुनहरा अवसर बताया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि छात्र अगर चाहें तो विद्या के जरिए रोग, शोक, दीनता, पाप, द्वेष, गरीबी, बेकारी, अभाव, अज्ञान, दुर्गुण, कुसंस्कार, आदि की दासता से मुक्ति पा सके।

चरित्र निर्माण पर जोर
उन्होंने कहा कि आज की स्कूली शिक्षा ज्ञान तो दे रही है लेकिन कौशल विकास नहीं कर पा रही है। चरित्र निर्माण का प्रयास तो कर रही है लेकिन मूल्यों का बीजारोपण नहीं कर पा रही है। शत-प्रतिशत अंक तो दे रही है लेकिन रचनात्मकता का विकास नहीं कर पा रही है। स्कूली शिक्षा एवं व्यावहारिक जीवन के बीच की खाई बढ़ती ही जा रही है।
लॉकडाउन पढ़ने का सुनहरा मौका
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का समय शिक्षा के लिए एक सुनहरा मौका है। इस समय का उपयोग सबसे ज्यादा डिजिटल माध्यमों से हो सकता है। उ्नहोंने कहा स्टूडेंट्स, टीचर्स और पैरेंट्स तीनों के पास असीमित समय, घर जैसी प्रयोगशाला एवं इंटरनेट पर मौजूद दुनिया के सारे संसाधन चुटकियों में मौजूद हैं।
यह समय किसी वरदान से कम नहीं
त्रिपाठी ने कहा कि लॉकडाउन के कारण घर में मिला हुआ यह असीमित समय किसी वरदान से कम नहीं है। ऐसे में छात्रों को इस समय का फायदा उठाना चाहिए और भारत को श्रेष्ठ भारत बनाने का सपना साकार करने में मदद करनी चाहिए।
शिक्षक भी करें समय का बेहतर इस्तेमाल
उन्होंने कहा कि शिक्षक भी इस समय का बेहतर इस्तेमाल कर सकते है। खुद को अपग्रेड करने के लिए भी शिक्षकों के पास एक सुनहरा मौका है। वो ऑनलाइन टीचिंगग, ई- कंटेंट, खुद के विडियो, लेसन प्लान, असाइनमेंट्स के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं।









