बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं। इस तरह की शिकायतें आम हैं कि बच्चों को भूख नहीं लग रही है। बच्चे कुछ खा नहीं रहे हैं। रात-दिन जाग रहे हैं। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि ऐसा ठीक नहीं है। परीक्षा के समय बच्चों को खाना छोड़ना नहीं चाहिए बल्कि सादा भोजन करना चाहिए। पढ़ाई के बीच थोड़ी-थोड़ी देर में एनर्जी देने वाली चीजें जैसे चॉकलेट आदि लेते रहना चाहिए।
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि भूख न लगने की शिकायत स्ट्रेस के कारण होती है। ऐसे में बच्चों को चिंतामुक्त रखना चाहिए। यह काम अभिभावक कर सकते हैं। बच्चों को पढ़ाई के दौरान और परीक्षा के समय भोजन नहीं छोड़ना चाहिए। भोजन छोड़ने से अन्य समस्याएं बढ़ जाती हैं। भोजन का स्वरूप अवश्य बदलना चाहिए। मनोवैज्ञानिको का कहना है कि पढ़ाई के दौरान या परीक्षा के समय यदि गरिष्ठ भोजन किया जाएगा तो उससे नींद आ सकती है। पढ़ाई में नींद बाधा बन सकती है। इसलिए अच्छा यह रहता है कि अभिभावक बच्चों की पसंद का सादा खाना तैयार करें। बच्चों की पसंद शामिल करने से ऐसा नहीं होता कि वह खाने से मना कर दें।









