एडीशनल एसपी अर्चना झा के नेतृत्व में यहां 7 टीमें बनाई गईं। पुलिस ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सफाई कर्मियों का रूप धारण किया फिर टीम डंपर में झाड़ू और कचरा उठाने की सामग्री लेकर पहुंची। इनमें 5 महिलाएं भी शामिल थी…
बिलासपुर। जिले के पुलिस कर्मियों की टीम सफाई कर्मचारी की ड्रेस पहनकर एक गांव में पहुंची तो ग्रामीणों को कानोकान खबर तक नहीं हुई, मगर जैसे ही जवानों ने गांव में अवैध तरीके से शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, यहां अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। खांडा गांव में की गई इस छापेमारी में 1040 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 3 लाख रूपये बताई गई है। वहीं, घेराबंदी कर 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
यह पूरा मामला सीपत थाना क्षेत्र का है। मुखबिर से मिली सूचना के बाद एसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर एडीशनल एसपी अर्चना झा के नेतृत्व में यहां 7 टीमें बनाई गईं। पुलिस ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सफाई कर्मियों का रूप धारण किया फिर टीम डंपर में झाड़ू और कचरा उठाने की सामग्री लेकर पहुंची। इनमें 5 महिलाएं भी शामिल थी।
ज्ञात हो कि पुलिस जब भी वर्दी में खांडा गांव में जाती थी तब आस पास फैले मुखबिर कोड वर्ड ‘हाथी आया’ बोलकर शराब बनाने वालों को पहले ही सतर्क कर देते थे। इस दौरान पुरुष सदस्य मकान में ताला लगाकर भाग जाते थे, वहीं महिलाएं शौच के बहाने उस जगह पर बैठ जाती थी जहां बड़ी मात्रा में शराब छिपकर रखा होता था।
इसके चलते पुलिस वहां पहुंच नहीं पाती थी और माफिया व कोचिया सब-कुछ ठिकाने लगा देते थे। जिसके कारण पुलिस को बैरंग लौटना पड़ता था। ऐसे में पुलिस अफसरों ने भेष बदल कर छापा मारने की योजना बनाई जो कि कारगर साबित हुआ। इस टीम का नेतृत्व एएसपी ग्रामीण अर्चना झा ने किया।
आरोपियों से जब्त शराब में मीना बाई से 150 लीटर, चांदनी सिदार से 105 लीटर, परदेशी सिदार से 175 लीटर, सुकृता गोंड़ से 180 लीटर, वेदलाल गोंड़ से 145 लीटर, रेशम बाई से 155 लीटर, बेदमीत गोंड़ से 130 लीटर और उत्तम भोई से 5.760 लीटर देसी प्लेन शराब बरामद की गई।
जब्त की गई 1040 लीटर कच्ची महुआ शराब की कीमत 3,12,000 रुपए और 5.760 लीटर देसी प्लेन शराब की कीमत 2,560 रुपए आंकी गई है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
















