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भिलाई-चरौदा निगम में बजट के दौरान खूब चले शब्दों के वाण: पानी, अवैध प्लाटिंग, सफाई सहित अन्य मुद्दों पर हुई बहस

भिलाई 03। सोमवार 30 मार्च को नगर पालिक निगम भिलाई चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे ने अपने कार्यकाल का पांचवां व अंतिम बजट प्रस्तुत किया। महापौर ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए हम लोगों ने 450 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान रखा है और इसमें 94 लाख रुपए लाभ का बजट है। आने वाले वर्ष के लिए 67 करोड़ रुपए की अनुमानित राशि आने वाले वर्ष बच सकता है।

पहले सत्र में बजट प्रस्तुत होने के बाद द्वितीय सत्र में बजट सहित अन्य विषयों पर चर्चा पक्ष और विपक्ष के पार्षदों द्वारा शुरू की गई। जिसमें पानी का मुद्दा सबसे ज्यादा बार उठाया गया। नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के नेता प्रतिपक्ष राम खिलावन वर्मा ने कहा कि यह बजट आम जनता की बजट नहीं है, सिर्फ कॉपी पेस्ट है। भिलाई चरोदा निगम क्षेत्र में पानी की समस्या बढ़ते जा रही है, ये मुद्दा सामान्य सभा में भी उठा था फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। राज्य सरकार द्वारा 29 करोड़ रुपए आया था निगम क्षेत्र के लोगों की मोरिद जलाशय से प्यास बुझाने के लिए लेकिन ये शहर सरकार सिर्फ रोड नाली बनवा रही है, जिसमें इनका फायदा है। नाली को नाला बना दे रहे है, सीमेंटीकरण के कारण जल का स्रोत घटते जा रहा है।

पार्षद व उप नेता प्रतिपक्ष चंद्र प्रकाश पाण्डेय ने शहर सरकार को सफाई व्यवस्था पर घेरते हुए कहा कि कचरा उठाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, निगम के 40 वार्डों में सिर्फ 8 रिक्शा चल रहा है। सीवरेज सफाई मशीन (राडिंग मशीन) एक साल पहले खरीदकर आया था, वो कहा है उसका उपयोग क्यों नहीं हो रहा है, अगर वो खराब हो गया है तो उसका मरम्मत किस मद से कराया जायेगा। इस पर महापौर ने जवाब दिया कि उस मशीन को चलाने वाला ऑपरेटर नहीं मिला इसलिए उसका उपयोग नहीं हो सका। श्री पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 2022 से बजट का कॉपी पेस्ट हो रहा है, नया कुछ भी नहीं है। महापौर सिर्फ जादू दिखाते है, भिलाई चरोदा निगम क्षेत्र के लोगों के लिए छलावा वाला बजट है, ठगने वाला बजट है, मै इसकी घोर निंदा करता हूं। आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।

श्री पाण्डेय ने रेल्वे क्षेत्र में रहने वाले गरीब लोगों के लिए पीएम आवास योजना के तहत सर्वे कर मकान उपलब्ध करने की मांग की, जिस पर सदन ने आठ सदस्यीय टीम बनाकर सर्वे कर जल्द ही इस पर निर्णय लेने की सहमति बनी।

चरोदा पार्षद सत्य प्रकाश शर्मा ने भी पानी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जब हम पार्षद बनकर वर्ष 2021 में आए थे तब भूजल की स्थिति सुधारने के लिए 25 लाख रुपए बजट में स्वीकृति किए गए थे, मुझे नहीं लगता कि वो आज तक खर्च हो पाए होंगे। जनता के सहयोग से तालाब खोदने के लिए निगम में आवेदन दिया गया है जिसका आज तक परमिशन नहीं दिया गया है। पिछले बजट में दादर नाला, देवबलौदा नाला पर चैक डैम बनाने का प्रस्ताव था, जो कि पन्ने पर ही है, ये कभी बनेगा भी कि नहीं। चरोदा नाला पर सीमेंटीकरण के कारण भूजल स्तर गिर गया है। चरोदा बस स्टैंड उस क्षेत्र का व्यस्त सार्वजनिक स्थान है वहां महिलाओं के लिए शौचालय नहीं है, वार्ड 24 और 28 में दो शौचालय की मांग पार्षद सत्य प्रकाश शर्मा द्वारा की गई, जिस पर महापौर ने पिंक शौचालय बनाने की बात कही।

पार्षद सत्य प्रकाश शर्मा ने टैंकरों के टेंडर, नीला नल कनेक्शन में दो टाइम पानी, मोटर रिपेयरिंग जैसे मुद्दे भी सदन में उठाया साथ की क्षेत्र में हो रहे अतिक्रम तथा जिन ठेकेदारों को कार्य दिए जा रहे है अगर वो पहला कार्य पूर्ण नहीं करते तब तक उनको दूसरा टेंडर ना देने की मांग भी सदन में किया।

डबरापारा वार्ड पार्षद तुलसी ध्रुव ने शायराना अंदाज में शहर सरकार को घेरते हुए अपने मुद्दे को उठाया। पार्षद ने शायरी पढ़ते हुए कहा “झूठे वादों का है शहर सरकार…पानी, बिजली, सड़क, नाला का स्थिति लाचार” पार्षद ने कहा कि सड़क, नाली की समस्या पूरे वार्डो में है। वार्डो में नलों से व्यर्थ बहते पानी को बचाया जाए। ऐसे नलों को बंद कर दिया जाए जहां से व्यर्थ पानी बह रहा है। आज निगम के पास टोटी खरीदने के लिए पैसा नहीं है। गनियारी के ॐ साई शिक्षण संस्थान को 26 लाख रुपए की वसूली क्यों नहीं हो पा रहा है, किसको इनका संरक्षण प्राप्त है। बड़े बकायादारों से वसूली की जाए साथ ही पार्षद ने निगम के सभाकक्ष में वर्तमान राष्ट्रपति, डॉ.भीमाराम आंबेडकर और महात्मा गांधी की फोटो लगाने की मांग की।

सोमनी पार्षद तुषांत वर्मा ने 10 सूत्रीय मांगों की जानकारी सदन से मांगी साथ ही पूछा कि चर्चा के दौरान जितने कार्य करने के लिए प्वाइंट नोट किए जा रहे है क्या उस पर कोई कार्यवाही होगी अगर कार्यवाही होगी तो कितनी दिनों के भीतर होगी? जिस पर एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही करने की बात सदन द्वारा दी गई। पार्षद ने सदन में यह भी कहा कि निगम के अधिकारी 10 बजे आ जाते है परन्तु यहां के प्यून 12 बजे आते है, इस पर भी कार्यवाही की जाए।

विश्व बैंक कॉलोनी पार्षद संतोष तिवारी ने अपने ही शहर सरकार को घेरते हुए भवनों के रख रखाव नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हम जनता के पैसों से बड़े कॉम्प्लेक्स, सामुदायिक भवन आदि बना तो देते है पर उसका रख रखाव नहीं करने के कारण वो जर्जर हो जाते है जिसको हम किराए पर भी नहीं दे पाते, जिससे कि निगम को आर्थिक क्षति होती है। मेरे वार्ड में शौचालय का निर्माण हुआ है पर उसमें आज तक मीटर नहीं लग पाया है, जिसके कारण उसका लाभ वार्ड की जनता को नहीं मिल पा रहा है। निगम द्वारा जल संरक्षण पर भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रहे है।

सांसद प्रतिनिधि विपिन चंद्राकर ने भिलाई चरोदा निगम क्षेत्र के लोगों को जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाने का मुद्दा को उठाया और कहा कि पिछली बैठक में भी इस विषय पर चर्चा हुई थी उस वक्त कहा गया था कि इस विषय पर जल्द कार्यवाही की जाएगी लेकिन क्षेत्र के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। वार्ड में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य में ठेकेदार द्वारा लेट लतीफी की जा रही है ऐसे ठेकेदार पर कार्यवाही की जाए।

पार्षद संजय यादव ने अवैध प्लाटिंग को मुद्दा उठाते हुए कहा कि निगम क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग दिनों दिन बढ़ते जा रहा है। खासकर मेरे वार्ड में धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग हो रहा है। मैने कलेक्टर जनदर्शन, निगम महापौर, आयुक्त को लिखित शिकायत की है उसके बाद भी कार्यवाही नहीं हुआ है। चरोदा बस्ती और आनंद नगर में अवैध प्लाटिंग फलफूल रहा है। बीटी रोड की गुणवत्ता की जांच की जाए और ठेकदार को ब्लैक लिस्टेड की जाए।

पार्षद मनीष वर्मा ने निगम के अधिकारियों पर जनता के पैसे का दुरुपयोग करने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देवबलौदा में डबल डबल आमंत्रण कार्ड छापा गया, आखिर किस अधिकारी के निर्देश पर यह काम हुआ है? उस पर भी कार्यवाही होनी चाहिए जिस पर सदन से कार्ड छपाई का पैसा उस अधिकारी से वसूल करने की बात कही साथ ही पार्षद ने यह भी कहा कि हम निगम के आधिकारियों के बदौलत पार्षद नहीं बने है, जनता ने हमे चुनकर भेजा है। अधिकारियों को पार्षदों का अपमान करने का अधिकार नहीं है

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