सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच परिया-काकुर के घने जंगलों में हुई भीषण मुठभेड़ के बाद कुल 06 माओवादी शव बरामद किए गए हैं, जिनमें पीएलजीए प्लाटून क्रमांक-01 की 04 महिला कैडर भी शामिल हैं…
पीएलजीए प्लाटून क्रमांक-01 के कमांडर और डिवीजनल कमेटी स्तर के माओवादी राहुल पुनेम की मुठभेड़ में मारे जाने को अभूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। यह प्लाटून वरिष्ठ माओवादी नेताओं के सुरक्षित आवागमन हेतु प्रमुख रूप से उपयोग में लाया जाता था…
“माड़ बचाओ अभियान” के अंतर्गत ऑपरेशन मानसून के तहत परिया-काकुर ऑपरेशन नारायणपुर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस अभियान में कुल 06 माओवादी, जिन पर ₹48 लाख का कुल इनाम था, मारे गए…
मानसून जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के बावजूद DRG, STF और BSF की संयुक्त टीमों ने अभूझमाड़ के कोर क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया…
मुठभेड़ स्थल से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं, जिनमें एक AK-47 राइफल, एक SLR राइफल, एक 12 बोर राइफल और 11 BGL लॉन्चर शामिल हैं…
परिया-काकुर ऑपरेशन में 06 माओवादियों की मौत के साथ ही 2025 में अब तक बस्तर क्षेत्र में मारे गए माओवादियों की संख्या बढ़कर 204 हो गई है…
नारायणपुर। पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुरिया ने बताया कि अभूझमाड़ के परिया-काकुर जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की विश्वसनीय सूचना के आधार पर 17 जुलाई 2025 को संयुक्त अभियान शुरू किया गया। इसमें नारायणपुर, कांकेर, बस्तर और कोंडागांव जिलों के DRG जवान, छत्तीसगढ़ STF और BSF की 40वीं ,47वीं, 94वीं 129वीं, 133वीं व 135वीं बटालियन शामिल थीं।
18 जुलाई 2025 की दोपहर से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। 19 जुलाई 2025 को बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पट्टलिंगम, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिनसन गुरिया तथा BSF, STF और DRG के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर मारे गए माओवादियों की पहचान और बरामद हथियारों की जानकारी साझा की।
मारे गए माओवादी कैडर की प्रारंभिक पहचान इस प्रकार है-
1. राहुल पुनेम उर्फ लच्छू पुनेम (आयु 38 वर्ष)
गांव: डल्ला, जिला सुकमा
पद: DVCM, कमांडर, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
2. उंगी टाटी (आयु 24 वर्ष)
गांव: सुरपनागुड़ा, थाना जगरगुंडा, जिला सुकमा
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
3. मनीषा (आयु 25 वर्ष)
गांव: वाला, थाना सोनपुर, जिला नारायणपुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
4. टाटी मीना उर्फ सोमरी उर्फ छोटी (आयु 22 वर्ष)
गांव: टोडका, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
5. हरीश उर्फ कोसा (आयु 25 वर्ष)
गांव: कमलापुरम, थाना पामेड़, जिला बीजापुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
6. कुड़ाम बुधरी (आयु 21 वर्ष)
गांव: मालसकट्टा, थाना धनोरा, जिला नारायणपुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
इन सभी माओवादियों पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ₹08- 08 लाख का इनाम घोषित था। इस प्रकार कुल ₹48 लाख का इनाम इन 06 माओवादियों पर घोषित था।
मुठभेड़ स्थल से बरामद हथियार व सामग्री
1. AK-47 राइफल – 01 नग
2. SLR राइफल – 01 नग
3. BGL लॉन्चर – 11 नग
4. 12 बोर राइफल – 01 नग
5. BGL सेल – 83 नग
6. भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य एवं दैनिक उपयोग की सामग्री
पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिनसन गुरिया ने कहा कि
“बस्तर से नक्सलवाद को समाप्त करने के निर्णायक चरण में हम प्रवेश कर चुके हैं। जो लोग इसकी खोखली विचारधारा से भ्रमित हैं और विकास की राह में बाधा बन रहे हैं, उन्हें आत्मसमर्पण कर सम्मानपूर्वक जीवन अपनाना चाहिए। अन्यथा उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।”
उप पुलिस महानिरीक्षक कांकेर रेंज अमित तुकाराम कांबले तथा BSF नारायणपुर के उप महानिरीक्षक पी.के. दुबे ने कहा कि सुरक्षा बलों के निरंतर दबाव के चलते अभूझमाड़ में माओवादियों का आधार कमजोर हो चुका है और क्षेत्र अब समावेशी विकास की दिशा में बढ़ रहा है।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि “पूरे बस्तर संभाग में प्रतिबंधित व अवैध माओवादी संगठन CPI (Maoist) के विरुद्ध एक सशक्त अभियान जारी है। वर्ष 2025 के शुरुआती छह महीनों में ही 204 माओवादी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं। बस्तर पुलिस इस अभियान की गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मानसून जैसी विषम परिस्थिति में भी यह सफलता सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है कि बस्तर में स्थायी शांति, प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।

















