प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को संबोधित करते हुए कहा, ‘आप समझ सकते हैं कि स्पीकर का काम कितना मुश्किल है कि उनका जीतना मुश्किल हो जाता है। आपने दोबारा जीतकर नया इतिहास गढ़ा है…
नईदिल्ली (ए)। ओम बिरला के लोकसभा स्पीकर चुने जाने के बाद 18वीं लोकसभा के अपने पहले संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ये सदन का सौभाग्य है कि आप दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष के पद पर विराजमान हुए हैं। आपको और इस पूरे सदन को मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई। इस पूरे सदन की तरफ से भी आपको अनेक-अनेक शुभकामनाएं। अमृतकाल के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दूसरी बार इस पद पर विराजमान होने से आपको बहुत बड़ा दायित्व मिल रहा है। आपके अनुभव और हमारे अनुभव से हमें विश्वास है कि आप हम सभी का मार्गदर्शन करेंगे। मुझे विश्वास है आप हर कदम पर नए कीर्तिमान गढ़ते रहेंगे।’
प्रधानमंत्री ने कहा ’18वीं लोकसभा में स्पीकर का कार्यभार दूसरी बार संभालना अपने आप में रिकॉर्ड है। बलराम जाखड़ जी पहले ऐसे अध्यक्ष थे, जो लगातार दो बार अपना कार्यकाल पूरा कर पाए थे। उनके बाद अब आपको यह मौका मिल रहा है। ज्यादातर स्पीकर या तो चुनाव नहीं लड़े हैं या जीतकर नहीं आए हैं। आप समझ सकते हैं कि स्पीकर का काम कितना मुश्किल है कि उनका जीतना मुश्किल हो जाता है। आपने दोबारा जीतकर नया इतिहास गढ़ा है। इस सदन के ज्यादातर सासंद आपसे परिचित हैं और पिछली बार मैंने आपके संबंध में काफी कुछ बातें रखीं थी। आज उन्हें दोहराऊंगा नहीं लेकिन आप जिस तरह से सांसद के रूप में काम करते हैं, वह जानने योग्य और सीखने योग्य हैं। युवा सांसद भी आपसे प्रेरणा लेंगे। आपने अपने क्षेत्र में जिस तरह से स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु अभियान चलाया, वह वाकई प्रेरक है। आप लगातार अपने संसदीय क्षेत्र में लोगों की सेवा करते रहते हैं। खेलों में युवाओं को प्रोत्साहन देना भी आपने प्राथमिकता से किया है।
17वीं लोकसभा के कार्यकाल की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा ‘आपका पिछला कार्यकाल संसदीय लोकतंत्र का ऐतिहासिक कालखंड रहा है। आपकी अध्यक्षता में सदन में जो काम हुआ, वह अपने आप में सदन की भी और आपकी भी विरासत है। आपकी अध्यक्षता में नारी शक्ति वंदन बिल, जम्मू कश्मीर पुनर्गठन, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, मुस्लिम महिला विवाह अधिकार कानून, डायरेक्ट टैक्स समेत कई अहम सामाजिक, आर्थिक और नागरिक कानून पास हुए। जो काम आजादी के 70 साल में नहीं हुए, वो आपकी अध्यक्षता में हुए। लोकतंत्र की लंबी यात्रा में कई पड़ाव आते हैं। कुछ अवसर ऐसे होते हैं, जब हमें कीर्तिमान स्थापित करने का मौका मिलता है। 17वीं लोकसभा पर देश आज भी और भविष्य में भी उस पर गौरव करेगा।
पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारा संसद भवन सिर्फ चारदीवारी नहीं। ये देश की जनता का आशा का प्रतीक है। संसद की कार्यवाही लोकतंत्र को और मजबूत बनाती है। 17वीं लोकसभा की उत्पादकता 97 प्रतिशत रही और उसके लिए सभी सदस्यों के साथ ही आप विशेष अभिनंदन के अधिकारी हैं। कोरोना के मुश्किल समय में आपने हर सांसद से फोन करके व्यक्तिगत हालचाल पूछा। कोरोना के समय में संसद का काम रुका नहीं। आपने जो फैसले किए, उसी का परिणाम है कि हम मुश्किल समय में भी काम कर पाए है। आपने कभी कभी कठोरता के साथ भी फैसले लिए। ऐसे फैसलों से आपको पीड़ा भी हुई, लेकिन आपने संसद की गरिमा और व्यक्तिगत पीड़ा में से आपने संसद की गरिमा का चुनाव किया। मुझे विश्वास है कि आप तो सफल होंगे ही, लेकिन आपकी अध्यक्षता में ये संसद भी देश की आकांक्षाओं को पूरा करेगी। मैं आपको और इस संसद को बहुत बधाई देता हूं।’
















