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01 जून से बदल जाएंगे ये नियम, जानिए आपकी जेब पर कितना होगा असर?

01 जून रविवार से आपसे जुड़े कई नियमों में बदलाव होने वाला है। इससे आपके जीवन में बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। अगले महीने रविवार से गैस सिलेंडर से लेकर ईपीएफओ तक कई बदलाव किए जाएंगे। आइए इन बदलावों के बारे में एक-एक करके बात करते हैं। वही ये जानेंगे कि इनका आपकी जेब पर क्या असर हो सकता है…

 

नई दिल्ली (ए)। जून के महीने में कई नियमों में बदलाव हो सकता है। इन बदलाव का आपकी जेब पर इनडायरेक्ट असर पड़ सकता है। अगले महीने बैंक एफडी और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम बदल सकते हैं। इसके साथ ही ईपीएफओ की ओर से EPFO 3.0 शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही LPG सिलेंडर के प्राइस रिवाइज किए जाएंगे। आइए इनके बारे में विस्तार से बात करते हैं।

EPFO 3.0 होगा शुरू

ईपीएफओ (Employee Provident Fund Organisation) जून में ईपीएफओ 3.0 शुरू करने जा रही है। EPFO 3.0 का उद्देश्य लाभार्थी को सुविधाजनक सेवा प्रदान करना है। EPFO 3.0 के जरिए एटीएम से पैसे निकालना, पीएफ से जुड़ा डेटा अपडेट जैसी सुविधाएं और बेहतर हो जाएगी।

FD दरों में होगा बदलाव

अगले महीने बैंक अपने एफडी और लोन ब्याज फिर से रिवाइज कर सकती है। क्योंकि जून में हमारे देश की केंद्रीय बैंक नए रेपो रेट (Repo rate) की घोषणा करेगी। अनुमान है कि रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट और भी कटौती की जा सकती है। इससे लोन और एफडी की ब्याज दर पर असर देखने को मिलेगा।

क्रेडिट कार्ड में होगा बदलाव

कोटक महिंद्रा बैंक ने क्रेडिट कार्ड को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। ये नियम 1 जून 2025 से लागू होंगे। ये बदलाव क्रेडिट कार्ड से जुड़े रिवार्ड्स प्वाइंट, कैशबैक और चार्जेज से जुड़े होने वाले हैं। कोटक महिंद्रा के क्रेडिट कार्ड होल्डर्स को ये चेंज 1 जून से देखने को मिलेगा। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो क्रेडिट कार्ड यूजर्स को रिवार्ड्स पाने के लिए एक लिमिट सामना करना पडे़गा।

LPG Cylinder की कीमत में बदलाव

हर महीने की पहली तारीख को गैस एजेंसी द्वारा घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर में बदलाव किया जाता है। हालांकि पिछले साल घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई भी बदलाव नहीं किया गया था। इस महीने की शुरुआत में यानी कमर्शियल सिलेंडर के दामों में गिरावट की गई थी। कमर्शियल सिलेंडर के दामों में 17 रुपये तक की कटौती की गई थी।

म्यूचुअल फंड के नए नियम

सेबी ने भी म्यूचुअल फंड के नियमों में बदलाव किया है। सेबी ने ओवरनाइट म्यूचुअल फंड स्कीम के लिए कट-ऑफ टाइमिंग बदल दी है। कट-ऑफ टाइमिंग का मतलब है कि किस समय तक आप म्यूचुअल फंड में पैसे लगा सकते हैं या निकाल सकते हैं। अब ऑफलाइन ट्रांजैक्शन के लिए कट-ऑफ टाइमिंग दोपहर तीन बजे है और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए शाम 7 बजे है। इससे म्यूचुअल फंड कंपनियों को आपके पैसों का बेहतर तरीके से मैनेजमेंट करने में मदद मिलेगी।

 

फेडरल बैंक के नए सर्विस चार्ज होंगे लागू

1 जून 2025 से प्राइवेट सेक्टर के फेडरल बैंक ने अपने सर्विस चार्ज में बदलाव की घोषणा की है। इस घोषणा के अनुसार एटीएम ट्रांजैक्शंस के मुफ्त लिमिट के बाद है ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा। यदि कोई उपराहक न्यूनतम बैलेंस नहीं रख पाता है तो 250 से 600 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा बैंक लॉकर और खाता बंद करने के शुल्क में भी वृद्धि कर रही है।
असर :
फेडरल बैंक के ग्राहकों पर इस नए नियम का असर होगा। यदि आप भी इस बैंक के ग्राहक हैं, तो न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करना और एटीएम ट्रांजैक्शंस की संख्या सीमित रखना जरूरी होगा। नहीं तो आपको ज्यादा शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है।

आधार कार्ड अपडेट की अंतिम तारीख

यदि आपने अभी तक अपने आधार कार्ड को अपडेट नहीं किया है तो 14 जून 2025 से तक इसे मुफ्त में अपडेट करवा सकते हैं। उसके बाद आपको शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा।
असर :
यदि आप समय पर आधार अपडेट नहीं करते हैं तो आपको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।

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