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01 करोड़ लोन दिलाने एवं दिल्ली क्राईम ब्रांच बनकर कर 44.56 लाख रूपये की ठगी करने वाले 03 आरोपी गिरफ्तार

राज्य में पहली बार सायबर अपराध में सर्वाधिक रिकवरी, टीम रवाना कर मात्र 07 दिवस में के अंदर प्रकरण का किया निराकरण…

खैरागढ़। प्रार्थी मोह० जियाउल हक असरफी पिता मोह० अजिजुल हकीम उम्र 40 वर्ष निवासी ईतवारी बाजार, खैरागढ़ ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि फ्यूचर केयर नामक कंपनी के द्वारा दिनांक 14.01. 2021 से लगातार 01 करोड़ रूपये लोन दिलाने का झांसा देकर तथा बाद में रूपये वापस दिलान के नाम पर दिल्ली क्राईम ब्रान्च बनकर विभिन्न बैंको के अलग अलग खातो में कुल रकम 44,56,000/- रूपये जमा कराकर ठगी किया गया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 748/2022 धारा 420 भा.द.वि.66 (डी) आईटी एक्ट कायम किया गया।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुये स्वंय संज्ञान लेकर अज्ञात आरोपी के मोबाईल नंबर का लोकेशन एवं पता का विश्लेषण कर जिले के अनुभवी एवं योग्य पुलिस अधिकारियों अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा पांडेय एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी खैरागढ़ लालचंद मोहले के मार्गदर्शन में उप पुलिस अधीक्षक राजेश साहू के नेतृत्व में उनि सतीष पुरिया, सउनि विरेन्द्र चन्द्राकर, प्रधान आरक्षक आषीष वर्मा, आरक्षक विशुपाल साहू, सत्यनारायण साहू का टीम को नई दिल्ली रवाना किया गया। जहां दिल्ली में आरोपियों के द्वारा बड़ी चालाकी से दिल्ली के भीड़-भाड़ इलाके में कार पार्क कर बैलेनो कार के अन्दर से कॉल सेन्टर की तर्ज पर ऑपरेट कर लोगो को ठगी का शिकार बनाते थे।

तब केसीजी टीम के द्वारा मोबाईल नंबर 98XXXXX893, 97XXXXX324 एवं 70XXXXX966 का लगातार लोकेशन लिया जा रहा था, किन्तु कुछ समय बाद ही मोबाईल नंबर बंद हो गया। टीम द्वारा पतासाजी के दौरान आरोपियों के द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले बोलेनो कार क्र. DL 4C AZ 2695 पर संदेह होने पर जिसका पीछा कर व्हीकल आईडेन्टी सिस्टम की सहायता से कार से जुड़ी हुई परमानेन्ट नम्बर 96XXXXX403 ज्ञात कर लिंक मोकबाईल नंबर से लोकेशन प्राप्त कर कार की घेराबंदी कर उक्त सफलता प्राप्त की गई, क्योंकि आरोपियों द्वारा पूर्व में संचालित मोबाईल नं0 98.XXXXX893 को बंद कर दिया गया और बाद की पतासाजी में नया नम्बर ही उपयोगी रहा, जिसके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर 02 आरोपी को पकड़े व तीसरे आरोपी तक पहुंचने में पकड़े गये। आरोपियों द्वारा तीसरे आरोपी के बताये गये मोबाईल नंबर के लोकेशन के आधार पर पहुंचने में सफलता प्राप्त हुई। जिसमे मुख्य 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उक्त गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में निम्न राशि/संपत्ति बरामद की गई है:-

जप्त मोबाईल: 12 नग, 100000/- ₹
बैंक एकाउंट फ्रिज -15
नगद राशि: 802000₹
सोने की चैन: 100000₹
बैलेनो कार: 800000₹
प्रापर्टी का कागजात: 2700000₹
कुल कीमत: 4402000₹

पहली बार साइबर ठगी के अपराध में पुलिस द्वारा ठगी की राशि 100 प्रतिशत बरामदगी की गई है। उक्त प्रकरण में तकनीकी कार्य हेतु केसीजी साइबर से सउनि टैलेश सिंह, सउनि मुक्तेश्वर पुरी गोस्वामी, आरक्षक चन्द्रविजय सिंह, जयपाल केवट, त्रिभुवन यदु, कमलकांत साहू, विकास सिंह, गंगासिंह वर्मा, राकेश साहू, बुधेश्वर टोन्ड्रे, रमलेश मंडावी की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही।

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