नईदिल्ली (ए)। एक जनवरी 2021 तक मोदी सरकार से सस्ता सोना खरीदने का एक और मौका है। सरकार एक बार फिर आपको सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश का मौका दे रही है। वह भी 50000 रुपये प्रति 10 ग्राम से भी कम रेट पर आपको पड़ेगा। हालांकि यह गोल्ड फिजिकल रूप में नहीं मिलेगा। सरकार ने वैसे तो सोने की कीमत 5000 रुपये प्रति ग्राम रखा है, लेकिन आरबीआई के अनुसार सरकार ने ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने पर निवेशकों को प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट देने का निर्णय किया है। बता दें अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और नये प्रोत्साहन उपायों की उम्मीद के बीच 2021 में भी सोना 63,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का अनुमान विशेषज्ञों ने व्यक्त किया है। ऐसे में सोने में बेहतर रिटर्न पाने का आपके लिए यह बेहतरीन मौका हो सकता है। आइए जानें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2020-21की 9वीं सीरीज की 10 मुख्य बातें….
10 बड़ी बातें
- 1. मोदी सरकार ऐसे समय में गोल्ड बॉन्ड लेकर आई है, जब घरेलू कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंचने के बाद करीब 6000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2020-21 की 7वीं सीरीज में सब्सक्रिप्शन 1 जनवरी 2021 को बंद हो जाएगी।
- 2. गोल्ड बॉन्ड की अगली किस्त के लिए 5000 रुपये प्रति ग्राम का भाव तय किया गया है। गोल्ड बॉन्ड के लिए इंडियन बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (आईबीजेए) द्वारा 999 शुद्धता के सोने के प्रकाशित सामान्य औसत बंद भाव पर आधारित है। इसके तहत दाम 5,000 रुपये प्रति ग्राम तय हुआ है।
- 3. सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सॉवरेन गोल्ड बांड जारी किए जाते हैं। भौतिक सोने की मांग को कम करने और वित्तीय बचत में घरेलू बचत के एक हिस्से को स्थानांतरित करने के उद्देश्य से 2015 में सॉवरेन गोल्ड बांड योजना शुरू की गई थी।
- 4. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है।
- 5. 4 जनवरी को सोने के बॉन्ड की इस किस्त की जारी करने की तारीख तय की गई है।
- 6. बांड एक तारीख को जारी होने के पखवाड़े के भीतर स्टॉक एक्सचेंजों पर तरलता के अधीन हो जाते हैं।
- 7. आरबीआई ने अप्रैल में घोषणा की थी कि सरकार सितंबर तक छह ट्रेंच में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करेगी।
- 8. इसकी सबसे खास बात होती है कि निवेशक को सोने के भाव बढ़ने का लाभ तो मिलता ही है। साथ ही उन्हें इन्वेस्टमेंट रकम पर 2.5 फीसदी का गारंटीड फिक्स्ड इंटरेस्ट भी मिलता है।
- 9. इन बॉन्ड्स की अवधि 8 साल की होती है और 5वें साल के बाद ही प्रीमैच्योर विड्रॉल किया जा सकता है।
- 10. इस पर तीन साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा (मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा) वहीं इसका लोन के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं।
बता दें एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुधार से जुड़ी चिंताओं के कारण सोना अगले साल भी तेज बना रहेगा और इसकी कीमत कॉमैक्स पर 2,150-2,390 डॉलर प्रति औंस के बीच रह सकती है, जबकि एमसीएक्स पर सोना 57,000-63,000 रुपये के बीच रह सकता है।
कहां से खरीदें
एसजीबी के हर आवेदन के साथ निवेशक PAN जरूरी है। सभी कामर्शियल बैंक (आरआरबी, लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक को छोड़कर), डाकघर, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या सीधे एजेंटों के माध्यम से आवेदन प्राप्त करने और ग्राहकों को सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत हैं।









