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सेना प्रमुख ने किया किया ‘एक्लप्लोडर’ का उद्घाटन, अब दूर से नष्ट किए जा सकेंगे विस्फोटक उपकरण

एक्सप्लोडर’ का मुख्य मकसद आईईडी से सेना के जवानों की सुरक्षा को बढ़ाना है। इस वाहन को दूर से चलाया जा सकता है, जिससे जवान बिना किसी खतरे के इन विस्फोटक उपकरणों को नष्ट कर सकते हैं…

 

नईदिल्ली (ए)। भारतीय सेना की वार्षित नवाचार प्रतियोगिता ‘इनोयोधा’ में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने गुरुवार को एक नए और महत्वपूर्ण उपकरण का शुभारंभ किया। इस उपकरण का नाम ‘एक्सप्लोडर’ है। यह दूर से ही आईईडी विस्फोटक को नष्ट करने वाला वाहन है। इस विशेष वाहन को सेना के मेजर राजप्रसाद आर.एस ने तैयार किया है। सेना ने यह जानकारी दी।

‘एक्सप्लोडर’ का मुख्य मकसद आईईडी से सेना के जवानों की सुरक्षा को बढ़ाना है। इस वाहन को दूर से चलाया जा सकता है, जिससे जवान बिना किसी खतरे के इन विस्फोटक उपकरणों को नष्ट कर सकते हैं। मेजर राजप्रसाद पहले भी दो अन्य तकनीकी नवाचार विजयुत रक्षक और अग्निशस्त्र विकसित कर चुके हैं, जिन्हें पहे ही सेना में शामिल किया जा चुका है। जनरल द्विवेदी ने इस नए उपकरण की सराहना करते हुए कहा कि यह भारतीय सेना की ताकत को और मजबूत करेगा और जवानों को नई चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।

वहीं, गार्डन रीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने ‘जलदूत’ को आज विशाखापत्तनम के नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लेबोरेटरी (एनएसटीएल) को औपचारिक रूप से सौंप दिया। यह बिना चालक के सतह पर चलने वाला जहाज है। इसे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। इसका मकसद समुद्री निगरानी और रक्षा कार्यों में मदद करना है। यह ‘जलदूत’ बिना किसी मानव चालक के काम करता है और स्वचालित रूप से समुद्र में अपनी तय दिशा पर चलता है।

उधर, सुदर्शन चक्र कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल प्रीत पाल सिंह ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में ‘सूक्ष्म दृष्टि अग्निप्रहार’ युद्ध अभ्यास का निरीक्षण किया। यह अभ्यास अग्निबाज डिवीजन की ओर से किया गया था और इसमें तोपों की सटीकता को दिखाया गया।

सैनिकों ने अपनी युद्ध रणनीतियों और प्रक्रियाओं को बेहतर प्रदर्शन दिखाया। अभ्यास में खुफिया जानकारी, निगरानी, जासूसी और लक्ष्यों को तबाह करने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया।

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