रायपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के दिशा निर्देशन पर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पश्चिम दौलत राम पोर्ते, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक राजेश देवांगन के पर्यवेक्षण में लग्जरी वैलनेस सैलून एण्ड स्पा सेंटरो की चेकिंग व देह व्यापार जैसे अनैतिक कार्यों की रोकथाम हेतु चलाए जा रहा है। अभियान के तहत थाना पुरानी बस्ती पुलिस के कार्य से इटालिया हाउस भाटागांव में किराए के मकान पर देह व्यापार को संचालित करने वाली आरोपिया (दलाल) को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई।
दिनांक 31.05.2025 को मुखबिर से सूचना मिला कि इटालिया हाउस भाठागांव के किराए के मकान में कुछ लोग अनैतिक देह व्यापार कर धनापार्जन रहे हैं की सूचना पर तत्काल वरिष्ठ कार्यालय को सूचना देकर गवाहों एवं संपूर्ण विवेचना में नगर पुलिस अधीक्षक पुरानी बस्ती के नेतृत्व में टीम बनाकर रेड कार्रवाई हेतु रवाना हुआ।
कार्रवाई हेतु पांईटर को जवाबदारी देते हुए समझाइश देकर उनके सहमति बाद पांईटर को 1500 देकर इटालिया हाउस, भाटागांव में जाकर देहव्यापार में सम्मिलित दलाल एवं महिलाओं की आपत्तिजनक क्रियाकलाप की जानकारी व मोबाइल में मिस कॉल करके इशारे करने कहा गया।
पांईटर के इशारे पर पांईटर के घुसे हुए घर को घेराबंदी करते हुए दरवाजा खोलकर अंदर गए जहां पर पांईटर के अलावा अन्य चार लड़कियां मिली, महिला स्टाफ की उपस्थिति में ऊषा (बदला हुआ नाम) की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से पांईटर द्वारा देह व्यापार करने के लिए दिए 500-500 का तीन नोट कुल ₹1500 तथा रुषा खरे के बैग एवं घर के कमरों से दो नग उस्ताद कंपनी का कंडोम 05 नग कंडोम का फटा रेपर एवं 07 नग उपयोग हुआ कंडोम बरामद कर समक्ष गवाह के जब्त किया गया।
तीन लड़कियों का कथन लेने पर बताएं कि ऊषा काम दिलाने व अधिक पैसा मिलने के नाम पर रायपुर लाकर जबरदस्ती देह व्यापार कराने लगी इस प्रकार आरोपीगण डेविड व ऊषा के विरुद्ध अपराध क्रमांक 224/2025 धारा धारा 4.5.7 अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 पंजीबद्ध कर आरोपिया ऊषा को दिनांक 31.05.2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
उक्त कार्य में नगर पुलिस अधीक्षक पुरानी बस्ती राजेश देवांगन, निरीक्षक योगेश कश्यप, उपनिरीक्षक शिशुपाल चंद्रवंशी, महिला प्रधान रक्षक 1220 योगिता मिश्रा, महिला आरक्षक 768 कावेरी चक्रवर्ती, आर 1506 नरेश क्षत्रिय, आरक्षक 1933 भुनेश्वर ठाकुर, आरक्षक 619 अनिल चंद्राकर, आरक्षक 158 सुनील शुक्ला, आरक्षक 1672 जितेंद्र साहू व आरक्षक 2089 कमलेश मांडवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
















