भिलाई। दुर्ग जिले मेें लगातार घटित हो रही नकबजनी की घटनाओं को अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधीक्षक डॉ.अभिषेक पल्लव (भा.पु.से.) के द्वारा माल-मुलजिम की शीघ्र पतासाजी कर माल बरामदगी करने हेतु निर्देश प्राप्त हुये थे, जिसके परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) संजय ध्रुव (रा.पु.से.), नगर पुलिस अधीक्षक, भिलाई नगर निखिल राखेचा (भा.पु.से.), उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) नसर सिद्विकी (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में एवं ए.सी.सी.यू प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा व थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक दुर्गेश शर्मा व चौकी स्मृति नगर प्रभारी उप निरीक्षक प्रमोद श्रीवास्तव के नेतृत्व में ए.सी.सी.यू एवं थाने की एक संयुक्त टीम गठित कर टीम को कार्यवाही हेतु लगाया गया था। टीम द्वारा संदेहियों पर निगाह रखी जा रही थी, आदतन अपराधियों व जेल से रिहा हुये अपराधियों से पूछताछ कर पतासाजी के प्रयास किये जा रहे थे विषेष सूत्र भी लगाये गये थे एवं आसपास के मार्गो में लगे सीसीटीवी कैमरा का अवलोकन किया गया, अवलोकन के दौरान कुछ संदेहियों के फूटेज प्राप्त हुए थे, प्राप्त फूटेज के आधार पर सोषल मीडिया के माध्यम से विभिन्न व्हाट्सप ग्रुप में पतासाजी हेतु फूटेज वायरल किये गये थे।
जिसके परिणाम स्वरूप विषेष सूत्रों के माध्यम से आरोपियों की पहचान अजय बाबू उर्फ बापजी निवासी केम्प 01, राजेष नानी व नौसाद उर्फ बिल्लू निवासी केम्प 01 के रूप मे सुनिष्चित हुई। टीम द्वारा आरोपियों सतत् निगरानी करते हुये छावनी क्षेत्र में अजय बाबू उर्फ बापजी की उपस्थिति के आधार पर घेराबंदी कर पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ करने पर गुमराह करता रहा किंतु सघन एवं तथ्यात्मक पूछताछ करने पर घटना के संबंध में अपने दोस्त राजेष उर्फ नानी व नौसाद उर्फ बिल्लू के साथ तीनो मिलकर दिसंबर माह में शांती नगर के 01 सूने मकान का ताला तोड़कर दिन के समय नकबजनी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया था तथा कुछ सामान को अपने साथी विक्की उर्फ सरदार के पास रखना बताया था, आरोपी राजेष उर्फ नानी एवं नौसाद उर्फ बिल्लू फरार हो गये थे, बहुत पतासाजी के बाद भी नहीं मिले।
जिससे आरोपी अजय बाबू उर्फ बापजी एवं विक्की वर्मा उर्फ सरदार के कब्जे से चोरी गई सोने-चांदी की मषरूका जप्त कर कार्यवही कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था, शेष फरार आरोपी राजेष उर्फ नानी एवं नौसाद उर्फ बिल्लू की पतासाजी टीम द्वारा की जा रही थी इसी दौरान विशेष सूत्रों से पता चला कि आरोपी राजेष उर्फ नानी बिहार भाग गया था जो कि दानापुर एक्सप्रेस से बिहार से वापस भिलाई आ रहा है कि सूचना पर टीम द्वारा रेलवे स्टेषन पावर हाऊस के पास ट्रेन से उतरते ही राजेष उर्फ नानी को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
आरोपी राजेश उर्फ नानी से पूछताछ करने पर उसके द्वारा अपने साथी अजय बाबू उर्फ बापजी व नौसाद के साथ मिलकर शांतीनगर में की गई चोरी के अलावा अक्टूबर माह में अपने साथी अजय बाबू उर्फ बापजी के साथ मिलकर चंद्रनगर कोहका में एक सूने मकान में मकान का ताला तोड़कर नकबजनी की घटना को अंजाम देना, जिसमेें की कुछ सोने-चांदी के जेवरात को अपने पास रखना व शेष चोरी की कुछ मषरूका को विक्की वर्मा उर्फ सरदार को देना बताया जिससे आरोपी राजेष उर्फ नानी के द्वारा बताये अनुसार उसके निशानदेही पर चंद्र नगर कोहका से चोरी की गई सोने के जेवरात व शांती नगर से चोरी किये गये चांदी के जेवरात बरामद कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
प्रकरण में फरार आरोपी नौसाद उर्फ बिल्लू की पतासाजी की जा रही है। प्रकरण की शेष मशरूका बरामद करने हेतु जेल में निरूद्ध आरोपी विक्की उर्फ सरदार, अजय बाबू उर्फ बापजी का पुलिस रिमांड हासिल करने की कार्यवाही की जा रही है।। अग्रिम कार्यवाही चौकी स्मृति नगर से की जा रही है। उक्त कार्यवाही में एसीसीयू से सउनि पूर्ण बहादुर, चंद्रशेखर सोनी, प्रधान आरक्षक चंद्रशेखर बंजीर, आरक्षक संतोष गुप्ता, अनुप शर्मा, पन्ने लाल, जुगनु सिंह, उपेन्द्र यादव, विक्रांत कुमार एवं चौकी स्मृति नगर से उनि लिखन वर्मा, सउनि बी.एल.साहू आरक्षक आशीष प्रसाद, जयनारायण यादव की उल्लेखनीय भूमिका रही।
अपराध क्रमांक:1051/2022, धारा 457,380 भादवि
















