भिलाई। सीमा सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ में नक्सली अभियान के साथ साथ सामाजिक दायित्वों को भी बखूबी निभा रहा है। इसी क्रम में शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस के अवसर पर, दिनांक 02 सितम्बर 2022 को इंदराज सिंह, महानिरीक्षक, सीमा सुरक्षा बल सामरिक मुख्यालय (विशेष संकिया) छत्तीसगढ़ के उपस्थिति में कृष्णा पब्लिक स्कुल परिसर में सीमा सुरक्षा बल सामरिक मुख्यालय द्वारा शिक्षक दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी गण, अधिनस्थ अधिकारीगण, जवान एवं कृष्णा पब्लिक स्कुल के सम्माननीय शिक्षकगण और छात्र छात्राओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर सर्वप्रथम विद्यालय के शिक्षकों के द्वारा मुख्य अतिथि महानिरीक्षक को फुलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया, एवं स्कूली बच्चों के द्वारा अतिथि के सम्मान में स्वागत गीत गाया गया।
इसके बाद कृष्णा पब्लिक संस्थान के उप कुलपति आनंद कुमार त्रिपाठी ने स्वागत सम्बोधन में विद्यालय के बारे में परिचय दिया। तत्पश्चात इंदराज सिंह, महानिरीक्षक, सीमा सुरक्षा बल सामरिक मुख्यालय (विशेष संक्रिया) छत्तीसगढ ने शिक्षकों के महत्व के बारे बताते हुए कहा कि गुरु की महिमा को नहीं ऑका जा सकता, शास्त्रों में कहा गया है, गुरू स्वयं परमात्मा के समान हैं। उन्होने कहा जिस प्रकार कुम्हार अपनी कला से मिट्टी को गढकर सुन्दर बर्तन बना देता है, उसी प्रकार संसार में एक गुरू ही है, जो अपनी शिक्षा के माध्यम एक साधारण छात्र को सर्वोत्कृष्ट डाक्टर, इंजिनियर, सैनिक, शिक्षक, खिलाडी आदि बनाता है।
उन्होने सभी शिक्षकों को नमन किया और सभी को एक बार पुनः शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी, साथ ही आईजी ने सीमा सुरक्षा बल के इतिहास एंव सफलताओं के बारे में बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में तैनाती के बाद से अब तक सीमा सुरक्षा बल ने घोर नक्सल प्रभावित इलाके में आम लोगो के उत्थान और मुख्य धारा में जोड़ने के लिये कुल 152 सिविक एक्शन प्रोग्राम और 86 मेडिकल कैंप चलाये गये, जिसके तहत् 03 करोड़ 48 लाख 57 हजार रूपये की सहायता सामाग्री और दवाएं पिछड़े इलाकों में जरूरतमंदों को बांटी गई।
स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत पिछले 03 साल में 119 युवाओं को रोजगार प्राप्ति हेतू सीमा सुरक्षा बल द्वारा विभिन्न क्रियाकलापों में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विगत 3/4 वषों में 35 आदिवासी युवा विनिमय कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसके अंतर्गत जिला कांकेर के 343 युवक और युवतियों को भारत के विभिन्न शहरों में भम्रण कराया गया। युवक और युवतियों को खेल कुद में दक्ष करने, यूथ पॉवर को दिशा देने और लोगों के बीच में आपसी सामंजस्य बनाने के लिए 38 स्पोर्टस क्लब की स्थापना की गई है जहां पर निरन्तर खेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय युवक और युवतियां बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं इसके साथ ही जब कोरोना काल अपने उच्चतम स्तर पर था,bतो सीमा सुरक्षा बल ने जरूरतमंदों को राशन और दवा मुहैया कराया।
स्थानीय लोगों ने सीमा सुरक्षा बल के इस कदम की काफी सराहना की। इसके अलावा कांकेर में अति पिछड़े क्षेत्रों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिये सीमा सुरक्षा बल ने अति संवेदनशील इलाकों में सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों जैसे सड़क निर्माण कार्य, माइनिंग प्रोजेक्ट, रेल प्रोजेक्ट तथा मोबाईल टॉवर निर्माण में सुरक्षा प्रदान कर रहा है। सीमा सुरक्षा बल जिला कांकेर में 2009 से आने के बाद विकासात्मक कार्य भी बढ़ा है जिसका ब्यौरा निम्नलिखित है:- नए स्कूल 62, अस्पताल 16, आंगनबाड़ी · 103, पंचायत भवन – 22, कम्युनिटी हॉल 19, मोबाईल टॉवर, 94 कलवट तथा छोटे पुल
169 तथा अंदरूनी क्षेत्रों मेंलगभग 550 किमी० सड़क निर्माण कार्य।
सीमा सुरक्षा बल कोयलीबेड़ा प्रतापुर सड़क निर्माण कार्य को भी सुरक्षा प्रदान कर रही है जो कामतेड़ा और कटगांव जैसे अति संवेदनशल इलाको से होकर गुजरता है। पखांजूर से
कोयलीबेड़ा के बीच की सड़क काफी महत्वपूर्ण है इस सड़क के बन जाने के बाद पंखाजूर कोयलीबेड़ा के बीच की दूरी 130 की०मी० से घटकर 42 की०मी० हो जायेगी। जिससे आम
नागरिक पंखाजूर से कोयलीबेड़ा 01/02 घंटे में ही तय कर लेंगे। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल के तैनाती के इलाके में कुल 45 सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है।
इस अवसर पर इंदराज सिंह, महानिरीक्षक, सीमा सुरक्षा बल सामरिक मुख्यालय (विशेष संक्रिया) छत्तीसगढ ने सीमा सुरक्षा बल के इतिहास, बल द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्य, चयन प्रक्रिया एव नशा मुक्ति अभियान के बारे मे बताया। तत्पश्चात सीमा सुरक्षा बल पर बनी लघु फिल्म भी दिखाई गई। अंत में मुख्य अतिथि महोदय ने शिक्षकों को स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया, सांथ ही सीमा सुरक्षा बल के टीम द्वारा बच्चों को उपहार एवं मिष्ठान वितरित किया गया।















