रायपुर। छत्तीसगढ कैडर 2004 बैच के सीनियर आईपीएस अधिकारी अजय यादव को डीजीपी अशोक जुनेजा और एडीजी विवेकानंद सिन्हा ने आईजी का बैच लगाकर पदोन्नति दी। ज्ञात हो कि सोमवार को छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के 20 आईपीएस अफसरों को पदोन्नति दी। अजय यादव वर्तमान में प्रभारी आईजी सरगुजा रेंज के पद पर पदस्थ है। प्रमोशन के बाद वह अब सरगुजा रेंज के आईजी है।
आपको बता दे की अजय यादव की प्रारंभिक शिक्षा बस्तर, बीजापुर एवं जगदलपुर के स्कूलों में पूर्ण हुई। जगदलपुर कॉलेज से इन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद रायपुर कॉलेज से फिजिक्स में एमएससी तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरु कर दी थी। वर्ष 2004 में इनका चयन यूपीएससी परीक्षा में आईपीएस के लिए हुआ।
ट्रेनिग के बाद इनकी पहली पोस्टिंग 2007 में धरमजयगढ़ एसडीओपी के रूप में हुई। छः माह बाद इनकी पोस्टिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) दंतेवाड़ा में हो गई। नवम्बर 2007 से इनका तबादला पुलिस अधीक्षक नारायणपुर के पद पर हुआ जहाँ इन्होंने जनवरी 2009 तक अपनी सेवाएं दी। जनवरी 2009 में इनका तबादला पुलिस अधीक्षक कांकेर के पद पर हुआ जहां इन्होंने दिसम्बर 2010 तक अपनी सेवाएं दी। दिसम्बर 2010 में इनका तबादला पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के पद पर हुआ जहाँ इन्होंने दिसम्बर 2011 तक अपनी सेवाएं दी।
जनवरी 2012 में इनका तबादला फर्स्ट बटालियन में सेनानी के पद पर हुआ जहाँ इन्होंने मई 2013 तक अपनी सेवाएं दी। झीरम घाटी कांड के बाद मई 2013 में इन्हें पुलिस अधीक्षक बस्तर के पद पर पदस्थ किया गया जहां इन्होंने अक्टूबर 2015 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2015 में इनका प्रमोशन हुआ और उपपुलिस महानिरीक्षक बने। प्रमोशन के साथ ही इन्हें पुलिस मुख्यालय रायपुर में डीआईजी (प्रशासन) के पद पर पदस्थ किया गया जहाँ इन्होंने मई 2016 तक अपनी सेवाएं दी। मई 2016 में इनका तबादला पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा के पद पर हुआ जहां इन्होंने दिसम्बर 2017 तक अपनी सेवाएं दी।
जनवरी 2018 में इनका तबादला पुलिस मुख्यालय में डीआईजी (सुरक्षा) के पद पर हुआ जहां इन्होंने अक्टूबर 2019 तक अपनी सेवाएं दी इसके बाद इनका तबादला नवम्बर 2019 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के लिए हुआ जहाँ इन्होंने छः माह तक अपनी सेवाएं दी। जून 2020 में सरकार ने इन्हे राजधानी रायपुर के एसएसपी की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी और इन्होंने उम्मीद से बेहतर कार्य करते हुए राजधानी के कई अनसुलझे अपराधो को सुलझाए। राजधानी में घटित अपराधो के लगभग सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की। इसके बाद इन्हे सरगुजा रेंज के प्रभारी आईजी की जिम्मेदारी सौंपी गई।

ज्ञात हो कि नक्सली क्षेत्र में बेहतरीन कार्य के लिए इन्हें 2010 में राष्ट्रपति अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। अपने कार्यो के विषय मे चर्चा करते हुए आईजी अजय यादव ने कहा कि सामान्य और बिना किसी सिफारिश के थाने आकर शिकायत करने वालो को न्याय दिलाने मेरी प्राथमिकता में है। सक्षम व्यक्ति तो किसी भी तरह अपने काम को कराने में सफल हो जाते है परंतु जो असक्षम होते है उन्हें न्याय के लिए भटकना न पड़े इस पर विशेष ध्यान रहेगा इसके अलावा बेसिक पुलिसिंग, ट्रैफिक, साइबर क्राइम आदि पर भी काम किया जाएगा। थानों में अनावश्यक भीड़ न लगे इसके लिए सभी राजपत्रित अधिकारियों को अपने सीमा क्षेत्र के थानों में सप्ताह में एक दिन बैठकर जनता की समस्या सुनने की भी व्यवस्था की जाएगी।
















