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सीएम भूपेश बघेल के यह 11 फैसले जो कोरोना पर है बड़ा प्रहार, जनता को मिलेगा इसका फायदा..

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना के कई संदिग्धों की जांच की रिपोर्ट ने राहत यहाँ की जनता ने राहत की सांस ली है। यहां सिर्फ एक पाजीटिव केस दर्ज है। जिसका उपचार जारी है। इसके अलावा सारे रिपोर्ट निगेटिव मिले हैं जो कि राहत की बात है। यह सब इसलिये भी सम्भव हो पाया है कि यहाँ की भूपेश बघेल सरकार ने एक के बाद एक 11 सटीक फैसले लिए जो कि अच्छी सरकार की मिशाल है। सबसे बड़ी बात यह है कि राजनीतिक मतभेदों से उपर उठकर केंद्र सरकार के साथ ताल से ताल मिलाकर सीएम ने छग की जनता और देश हित मे लिए है। सरकार द्वारा कोरोना वाइरस का फैलाव रोकने के लिये युद्धस्तर पर किये जा रहे प्रयास भी सराहनीय है। सीएम द्वारा लिए गए यह 11 फैसले छग की जनता के लिए वरदान साबित होंगे। यह 11 फैसले कोरोना वायरस पर बड़ा प्रहार साबित हो रहा है। इनका लाभ जनता को मिलेगा।

मुख्यमंत्री के अच्छी सरकार के तहत उठाए गए 11 कदम…

1- राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशनकार्ड धारकों को अप्रैल एवं मई माह 2020 का चावल का एकमुश्त वितरण करने का निर्णय लिया है। इसके लिए खाद्य विभाग द्वारा आबंटन जारी करते हुए अंत्योदय, प्राथमिकता और अन्नपूर्णा श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को माह अप्रैल एवं मई 2020 के चांवल के साथ नमक और शक्कर का भी एकमुश्त वितरण माह अप्रैल 2020 में करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
2- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर अवकाश अवधि में स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इस योजना में मध्यान्ह भोजन हेतु 40 दिन का सूखा दाल और चावल बच्चों के पालकों को स्कूल से प्रदाय किया जाएगा। प्राथमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 4 किलोग्राम चावल और 800 ग्राम दाल तथा उच्चतर माध्यमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 6 किलोग्राम चावल और 1200 ग्राम दाल दी जाएगी।
3-आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों के लिए टेक होम राशन वितरण के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों को 31 मार्च 2020 तक बंद किया है। राज्य सरकार ने इस अवधि में 03 से 06 वर्ष आयु के समान्य, मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों को गर्म भोजन के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में 125 ग्राम रेडी टू ईट प्रतिदिन के मान से 750 ग्राम टेक होम राशन (रेडी टू ईट)का अनिवार्य रूप से वितरण के निर्देश दिए हैं । शेष हितग्राहियों को भी पात्रता अनुसार रेडी-टू-ईट का वितरण यथावत जारी रहेगा।
4- प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अनुज्ञा, परमिट, लायसेंस इत्यादि नवीनीकरण कराने की समय-सीमा एक माह की वृद्धि की गई है।
5- राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों की पेशी एक अप्रैल या उसके पश्चात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
6- वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग ने छत्तीसगढ़ बाजार मूल्य की पुनरीक्षित दरें जो एक अप्रैल से लागू होती है, उसे एक माह बढ़ाकर अब एक मई कर दिया है। पंजीयन कार्यालयों में मार्च के माह में होने वाली भीड़ की समस्या को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय किया गया है।
7-प्रदेश के नगरीय निकायों में सम्पत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च को बढ़ाकर अब 30 अप्रैल तक कर दिया गया है।
8- कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के उपायों के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने अल्कोहल आधारित हैण्ड सैनिटाईजर (हैण्ड रब साॅल्यूशन) के औद्योगिक निर्माण के लिए दो डिस्टिलरी को लाइसेंस दिया है।
9- कोरोना के उपचार में लगे स्वास्थ्य विभाग के अमले को विशेष भत्ता देने का फैसला।
10- राज्य के सभी निजी संस्थानों, कारखानों, अस्पतालों, मॉल, रेस्टोरेंट आदि के नियोजकों से मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों एवं कर्मचारियों की छंटनी नहीं किए जाने और कोरोना वायरस (कोविड-19) से पीडि़त होने या अन्य कारणों से बीमार होने पर संवैतनिक अवकाश प्रदान करने के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उनसे घरों से भी कार्य लिए जाने के निर्देश दिए हैं।
11-निम्नदाब उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग -बिलिंग पर 31 मार्च तक रोक, ‘हाफ रेट पर बिजली योजना’’ के तहत् मिलेगा एक मुश्त दो माह का लाभ।

छत्तीसगढ़ से लगे अन्य राज्यों से संपर्क काटने में भी सरकार का फैसला भी सही साबित हो रहा है। फिलहाल कोरोना के संक्रमण को लेकर छत्तीसगढ़ में हालात बाकी के राज्यो से काफी बेहतर स्तिथि में है। इसे बनाए रखने के लिए सरकार के कदम स्वागत योग्य हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार सोशल मीडिया से जनता से अपील भी कर रहे हैं।

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