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सीएम आवास में नीतीश कुमार के साथ अमित शाह ने की बैठक: गोपालगंज में की चुनावी सभा, लालू-राबड़ी पर कार्यकाल पर बरसे

गृह मंत्री अमित शाह ने लालू यादव से 15 साल के शासन का हिसाब देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लालू-राबड़ी ने बिहार को जंगल राज में बदल दिया था, जहां अपहरण, हत्या और लूट जैसे अपराध चरम पर थे…

 

 

पटना (ए)। गृहमंत्री अमित शाह ने गोपालगंज में जनसभा को संबोधित करते हुए लालू-राबड़ी शासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस विकास कार्य को कांग्रेस 65 साल में पूरा नहीं कर पाई, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महज 10 साल में कर दिखाया। अमित शाह ने बिहार की जनता से एनडीए को फिर से सत्ता में लाने की अपील की और बड़े वादे किए।

अमित शाह ने कहा कि अगर एनडीए की सरकार दोबारा बनती है, तो बिहार को बाढ़ से मुक्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी वादा किया कि बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू किया जाएगा, जिससे किसानों और मजदूरों को रोजगार मिल सके।

गृह मंत्री ने लालू यादव और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार ने पांच सौ साल बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करवाया। अब बिहार में माता सीता का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। उन्होंने छठ पूजा का भी विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।

अमित शाह ने लालू यादव के परिवारवाद पर करारा वार किया। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने अपने पूरे परिवार को राजनीति में सेट कर दिया, लेकिन बिहार के युवाओं के लिए कुछ नहीं किया। एक बेटा मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहा है, दूसरी बेटी को लोकसभा चुनाव लड़ाया जा रहा है, पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री रही हैं और पत्नी के भाई भी मंत्री बने। लेकिन बिहार के युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया।

गृह मंत्री ने लालू यादव से 15 साल के शासन का हिसाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी ने बिहार को जंगल राज में बदल दिया था, जहां अपहरण, हत्या और लूट जैसे अपराध चरम पर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू यादव ने केंद्र में मंत्री रहते हुए भी बिहार के विकास के लिए कुछ नहीं किया।

गोपालगंज से लौटने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीएम आवास पहुंचे। वहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई। लगभग 20 मिनट तक चलने वाली बैठक में 2025  में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। साथ ही चुनाव प्रचार की रूपरेखा और बिहार में एनडीए की एकजुटता को बनाए रखने पर विस्तार से चर्चाएं हुईं। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, जदयू सांसद और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, संजय झा, लोजपा (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान, हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन और उपेंद्र कुशवाहा सहित अन्य लोग मौजूद थे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने बिलकुल स्पष्ट कर दिया कि अब वह कहीं नहीं जाएंगे। दो बार गलती हुई है, लेकिन अब मैं वापस अपने पुराने लोगों के साथ आ गया हूं। इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का नाम लिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का नाम लेते हुए कहा कि श्रद्धेय अटल जी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया था, तो ऐसे में मैं कैसे भूल सकता हूं।

दरअसल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पटना पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनका भव्य स्वागत किया गया था। प्रदेश कार्यालय पहुँचने के बाद उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ पार्टी की कोर कमिटी से वार्ता की। अमित शाह फिर आज पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने चार विभागों की 823 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। मंच पर बोलने के दौरान उन्होंने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि लालू और राबड़ी का जब -ब शासनकाल रहा, तब-तब बिहार में विनाश हुआ।

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