जीपीएम। दिनांक 1/7/20 को नाबालिग़ पीड़िता की मां थाना उपस्थित आकर लिखित आवेदन पर से अपराध दर्ज कराई कि यह दोपहर को 3:00 बजे लकड़ी लेने जंगल की ओर गई थी। जंगल से वापस आई तो इसका लड़का बताया कि इसकी नाबालिग पुत्री को गांव के दो नाबालिग लड़के आकर उसको बोले कि इसको कोरोना हो गया है, इलाज करना पड़ेगा और फिर अपने घर में ले जाकर कमरे में बंद कर उसके साथ गलत काम किए हैं।
थाना प्रभारी मरवाही के द्वारा अविलंब अपराध क्रमांक 51/20 धारा 363, 376 (डी) भा द वि 4 पोक्सो एक्ट कायम कर पुलिस अधीक्षक महोदय को देर रात में अवगत कराया गया।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अविलंब विधि से संघर्षरत अपचारी बालको की पतासाजी एवं पीड़िता को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु अलग अलग टीमें बनाकर तत्काल कार्यवाही के निर्देश थाना प्रभारी को दिए।
थाना प्रभारी मरवाही के द्वारा अपनी टीम के साथ पतासाजी हेतु उनके निवास व रिश्तेदारियों में लगातार दबिश देकर अंततः कोड़ा ग्राम में दस्तयाब कर दोनों अपचारी बालको को लाया जाकर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इस तरह पुलिस टीम रिपोर्ट के 12 घंटे के भीतर अपचारी बालकों को दस्तयाब करने में सफलता हासिल किये। अपचारी बालकों के दस्तयाबी में थाना प्रभारी मरवाही और स्टाफ़ की भूमिका सराहनीय रही।









