इसी वर्ष सरकार ने सहारा के निवेशकों को भरोसा दिया था कि उनका पैसा वापस मिलना शुरू हो जाएगा…
नईदिल्ली (ए)। सहारा इंडिया में फंसे पैसे निवेशकों को कब वापस मिलेंगे, यह एक बड़ा सवाल बनकर उभरा था. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा के निवेशकों को आज बड़ी राहत दी. उन्होंने निवेशकों को 10,000 रुपये तक का तत्काल रिफंड प्राप्त करने के लिए सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया है. शाह ने सीआरसीएस-सहारा रिफंड (CRCS-Sahara Refund Portal) पोर्टल की शुरुआत 19 जुलाई को कर दी है. इस पोर्टल की मदद से सहारा समूह (Sahara Group) की कॉपरेटिव में जमा करोड़ों निवेशकों का पैसा 45 दिनों में वापस किया जाएगा।
सहारा की सहकारी समितियों में जिन निवेशकों ने पैसा निवेश किया था उनके पैसे कई सालों से डूबे हुए थे. लेकिन अमित शाह के सहारा रिफंड पोर्टल के लॉन्चिंग करने के साथ ही पैसे लौटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. शुरुआत में सहारा के निवेशकों को 10,000 रुपये तक का रिफंड मिलेगा. अमित शाह ने सहारा रिफंड पोर्टल की शुरुआत करते हुए इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया. उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब जमाकर्ताओं को ऐसे मामले में उनका पैसा वापस मिल रहा है. सहकारिया मंत्री ने डिपॉजिटर्स को भरोसा दिया कि अब उनका पैसे को कोई नहीं रोक सकता है और पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के 45 दिनों में उन्हें उनका पैसा रिफंड मिल जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सहारा-सेबी रिफंड खाते से 5,000 करोड़ रुपये सहकारी समितियों के केंद्रीय पंजीयक (CRCS) को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था. जिसके बाद सरकार ने 29 मार्च 2023 को कहा था कि चारों सहकारी समितियों के 10 करोड़ निवेशकों का पैसा 9 महीने के भीतर लौटा दिया जाएगा.
सहारा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद शुरुआत में डिपॉजिटर्स को 10000 रुपये तक रिफंड जारी किया जाएगा. और जिन लोगों ने इससे ज्यादा निवेश किया है उनके रिफंड रकम में बढ़ोतरी की जाएगी. अमित शाह ने बताया कि 5,000 करोड़ रुपये के लिए 1.7 करोड़ डिपॉजिटर्स को उनका पैसा वापस किया जा सकेगा.
चार सहकारी समितियों- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में लगभग 2.5 करोड़ लोगों के 30,000 रुपये तक जमा हैं.
अमित शाह ने कहा कि पहले चरण में 5,000 करोड़ रुपये डिपॉजिटर्स को वापस करने के बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर ज्यादा धनराशि जारी करने का अनुरोध करेगी. जिससे ऐसे निवेशकों जिन्होंने ज्यादा रकम डिपॉजिट किया हुआ है उन्हें उनका पूरा पैसा रिफंड किया जा सके. अमित शाह ने बताया कि पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए सेवा केंद्र होंगे जो डिपॉजिटर्स की मदद करेंगे।
यह खबर ऐसे समय सामने आई है, जब सहारा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का एक बड़ा फैसला आज सोमवार को आया है. सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की 4 को-ऑपरेटिव सोसायटी में लोगों के फंसे पैसों की वापसी का काम 9 महीने में पूरा करने के लिए कहा है. इन्वेस्टर्स को सेबी-सहारा फंड से पैसे लौटाए जाएंगे. सहारा ने डिपॉजिटर्स के पैसे लौटाने के लिए उक्त फंड में 24 हजार करोड़ रुपये डाले थे।
कैसे मिलेगा रिफंड ?
- सहारा के डिपॉजिटर्स को अपना वापस पाने के लिए https://cooperation.gov.in पर क्लिक कर सहारा रिफंड पोर्टल पर जाना होगा.
- निवेशक को सबसे पहले सहारा रिफंड पोर्टल पर रिजस्ट्रेशन करना होगा.
- इन सहकारी समितियों में पैसा जमा करने का दावा करने वालों डिपॉजिटर्स की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए आईएफसीआई की एक सहायक कंपनी ने पोर्टल विकसित किया है.
- सहारा रिफंड पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और रिफंड वापस पाने के लिए निवेशक के पास मोबाइल फोन नंबर और आधार होना जरुरी है.
- बैंक खाता भी होना जरुरी है जो आधार के साथ लिंक्ड हो.
- इसी बैंक खाते में सत्यापित करने के बाद पैसा निवेशकों को रिफंड किया जाएगा.









