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छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाईफीचर्डसाक्षात्कार

समाज की सेवा करना चाहती थी इसलिए इस फील्ड को चुनी: अपेक्षा व्यास

दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस): कोई भी महिला खुद को कमजोर न समझे, शिक्षा को अपना हथियार बनाये, खुद का महत्व समझे। प्रत्येक रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से करे। यह सब बातें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, दुर्ग की नवनियुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अपेक्षा व्यास ने सारनाथ एक्सप्रेस से महिला दिवस के उपलक्ष्य में दिये अपने साक्षात्कार में कही। इन्होंने अपने सीईओ बनने तक के सफर को हमसे साझा किया।अपेक्षा व्यास की प्रारंभिक व हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा बीएसपी स्कूल सेक्टर छ: में पूरी हुई। स्कूली शिक्षा के समय इन्होंने कई इंटर स्कूल डिबेट कॉम्पटीशन में भाग लिया और विजेता रही।  इन्होंने वर्ष 2000 में गल्र्स कॉलेज दुर्ग से बीकॉम में स्नातक किया। वर्ष 2002 में बीआईटी दुर्ग से एमबीए की डिग्री हासिल किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में जाकर किसान और समाज की सेवा करने की इच्छा लिए बैंक की तैयारियों में जुटी और वर्ष 2008 में बैंक कोऑपरेटिव एग्जाम में भाग ली और सफल हुई। छग राज्य सहकारी बैंक की पहली महिला कैडर ऑफिसर अपॉइंटमेंट होने का गौरव इन्हे प्राप्त हुआ। वर्ष 2008 में इन्हें विपरण अधिकारी के पद पर नियुक्ति मिली। विपणन अधिकारी के रूप में इन्हें किसानों के धान खरीदी, खाद खरीदी, बीज खरीदी सहित किसानों से सम्बंधित सभी कार्यो निगरानी करने के साथ साथ बालोद,दुर्ग व बेमेतरा जिला का पूरा काम इन्हें देखना पड़ता है कुल 182 सोसायटी के माध्यम से शासन के दिशा निर्देश को पूर्ण रूप से क्रियान्वयन करते हुए धान खरीदी का कार्य करवाना इनके निगरानी में होता है यह इन कार्यो की सुपरवाइजर है।जनवरी 2019 में इनका प्रमोशन हुआ इन्हें विपरण अधिकारी से मुख्य लेखापाल अधिकारी बनाया गया साथ ही इनका स्थानान्तरण राजनंदगांव हुआ। अप्रैल 2019 में इन्हें पुन: दुर्ग मुख्य लेखापाल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई जिसे यह बखूबी निभाते आ रहे है। फरवरी 2020 में इन्हें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। ड्राइंग, डिबेट में विशेष रुचि रखने वाली अपेक्षा व्यास अपने पिताजी को अपना आदर्श मानती है। इनके पिताजी भिलाई स्टील प्लांट के इम्प्लाई थे। इनके परिवार मे शुरू से ही शिक्षा को बड़ा ही महत्व देते थे। इन्होंने शासकीय नौकरी कर समाजसेवा करने की इच्छा लिए हुए बैंकिंग क्षेत्र को चुना। जिसमे यह सीधे आम जनता, किसान, जरूरतमन्दों से सीधा संवाद कर सके और उनकी नियमानुसार मदद कर सके। इनके लिए समाजसेवा करने के लिए इससे अच्छी जगह कोई और नही लगी। समाज की सेवा करना चाहती थी इसलिए इस फील्ड को चुनी। कार्य के प्रति इनके लगन और ईमानदारी से प्रभावित होकर वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में दुर्ग जिला के तत्कालीन कलेक्टर ब्रिजेशचंद्र मिश्र ने इन्हें पोलिंग पर्सनल वेलफेयर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया था जिसमे इन्हें दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी पोलिंग बूथ पर जहा-जहा महिलाये थी उनकी समस्याओं, शिकायतों और उनकी व्यवस्था को देखना व तुरन्त हल करना था। महिला दिवस पर इन्होंने महिलाओं को संदेश किया है कि महिलाये जब नौकरी में आती है तो उनपर दोहरी जिम्मेदारी होती है कि परिवार और नौकरी दोनो में अपना बेस्ट कार्य करके देना होता है और वह अपनी जिम्मेदारी निभाती है जो अपने आप मे गर्व की बात है। महिलाओ के प्रति जो गलत कृत्य हो रहे है उसके लिए वो जागरूक हो। महिलाओ को जो सम्मान मिलता रहा है वो हमेशा बने रहे। आज के युग मे महिलाये अलग ही रूप में आ रही है, हर जगह उनकी भागीदारी है, वह हर जगह बढ़-चढ़ के भाग ले रही है चाहे वो शिक्षा, हेल्थ, सेना राजनीति में हो इनका योगदान बहुत बड़ी बात है।

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