
भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 29 बापुनगर क्षेत्र में संत श्री शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा की जयंती धूमधाम से मनाई जाती है। महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव कार्यक्रम में पहुंचे! उन्होंने सतनाम भवन के अधूरे कार्य को पूर्ण करने निर्माण कार्य का भूमि पूजन समाजिक जनों के साथ मिलकर किया! 10 लाख की लागत से सतनाम भवन का रिनोवेशन कार्य किया जाएगा, बाउंड्री वॉल निर्माण किया जाएगा, सीढ़ी बनाई जाएगी! इससे भवन की सुंदरता और रौनकता पहले से और बढ़ जाएगी! सबसे पहले महापौर ने संत गुरु घासीदास बाबा के चरणों में शीश झुका कर उन्हें प्रणाम किया और भिलाई की जनता की सुख शांति और समृद्धि की प्रार्थना की! इसके बाद पूरे विधि विधान से भूमि पूजन किया! महापौर श्री यादव ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि मैं हमेशा हर साल यहां बाबा के दर्शन करने आता हूं! बाबा गुरु घासीदास के आशीर्वाद से शहर की जनता का सेवा करने का सौभाग्य और मौका प्राप्त हुआ है! बाबा गुरु घासीदास ने समाज को हमेशा एकता की डोर में बांधकर भेदभाव की बुराई को छोड़कर सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है! समाजिक जनों में सतनाम भवन के अधूरे कार्य को पूर्ण करने की शुरुआत होने से खुशी का माहौल दिखा।
छत्तीसगढ़िया भाषा में उद्बोधन महापौर ने सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए आगे छत्तीसगढ़ी भाषा में संबोधित करते हुए कहा कि 2 साल में छत्तीसगढ़िया वासी मन के अभिमान बढ़ाए बर, छत्तीसगढ़िया वासी मन के स्वाभिमान बढ़ाए बर काम करें हन, जैसने हमर सरकार वादा कर रीहीस चाहे राशन कार्ड के बात हो, दाई दीदी क्लीनिक के माध्यम से माता बहीनी मन बर स्वास्थ्य सुविधा के बात हो, युवा साथी मन के लिए स्कूल, कॉलेज, खेल के बात हो, हर विषय में हमन ध्यान देवत हन, जबसे बापू नगर के बस्ती बसे रीहीस हे तब से पानी के समस्या रीहीस, लेकिन 2 साल में घर-घर पानी मिलत हे, आप मन के आशीर्वाद के कारण काम संभव हो पाथे, आप मन के भावनाओं के अनुरूप आगे भी काम करत रबो! इस दौरान सामाजिक जनों के परंपरागत पंथी नृत्य पर महापौर भी सम्मिलित हुए और उन्होंने सामाजिक भावनाओं के तहत पंथी नृत्य भी किया! उल्लेखनीय है कि सतनाम समाज के कार्यक्रम में पंथी नृत्य का विशेष महत्व है। कार्यक्रम के अवसर पर वार्ड पार्षद मार्तंड सिंह मनहर, डी कॉम राजू, आरडी देश लहरे, सेक्टर 6 सतनाम भवन के अध्यक्ष संत कुमार केसकर, कमल टंडन, आनंद बघेल, मंगलदास जांगड़े इत्यादि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।









