BREAKING

देश-दुनियाफीचर्ड

संकट में उद्धव सरकार, शिवसेना के 33 बागी और 7 निर्दलीय विधायकों के साथ असम शिफ्ट हुए एकनाथ शिंदे

शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे और अन्य बागी विधायक जो सूरत के ली मेरिडियन होटल में ठहरे थे, गुजरात से गुवाहाटी (असम) के लिए रवाना हो गए हैं, पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे ने बागी तेवर अपना लिया है…

 

नईदिल्ली (ए)। शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे और अन्य बागी विधायक जो सूरत के ली मेरिडियन होटल में ठहरे थे, गुजरात से गुवाहाटी (असम) के लिए रवाना हो गए हैं। माना जाता है कि असम भाजपा और राज्य सरकार का शीर्ष नेतृत्व गुवाहाटी में शिवसेना के बागी विधायकों के रुकने की व्यवस्था कर रहा है। यह शायद पहली बार है कि किसी पश्चिमी राज्य के विधायकों को पार्टी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह के बाद पूर्वोत्तर राज्य में ले जाया जा रहा है। शिंदे के पार्टी के खिलाफ बगावत करने और कुछ साथी विधायकों के साथ सूरत में डेरा डाले जाने के बाद शिवसेना ने मंगलवार को अपने विधायकों को अवैध शिकार से बचने के लिए मुंबई के ही होटलों में शिफ्ट कर दिया है।

उद्धव पर शिंदे का कटाक्ष, खुद को बताया बालासाहेब का कट्टर शिव सैनिक

महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच एकनाथ शिंदे ने राज्य में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और राकांपा से हाथ मिलाने के लिए शिवसेना पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया और ट्वीट किया, “हम बालासाहेब के कट्टर शिव सैनिक हैं। बालासाहेब ने हमें हिंदुत्व सिखाया है। हमने कभी धोखा नहीं दिया है और न ही कभी धोखा देंगे। बालासाहेब के विचारों और धर्मवीर आनंद दिघे साहब की शिक्षाओं के बारे में शक्ति के लिए।”

उद्धव ठाकरे ने बुलाई कैबिनेट की बैठक

शिवसेना ने अपने बचे हुए विधायकों को वर्ली के सेंट रेजिस होटल में शिफ्ट किया गया है। पहले इन्हें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के वर्सोवा बंगले में रखा गया था। उद्धव ठाकरे बुधवार को कैबिनेट बैठक में शामिल होंगे। यह बैठक दोपहर एक बजे होगी। ज्यादातर ऑनलाइन बैठक लेने वाले मुख्यमंत्री इस बैठक में शारीरिक रूप से मौजूद रहेंगे।

देर रात गुजरात से असम भेजे गए बागी विधायक

उद्धव सरकार के लिए संकट पैदा करने वाले शिंदे समर्थक विधायकों को देर रात भाजपा शासित असम भेजने की तैयारी की जा रही थी। सूरत एयरपोर्ट पर 150 से अधिक सीटों वाला चार्टर्ड विमान लाया गया है। बताया जा रहा है कि इस विमान के जरिए शिवसेना विधायकों को गुवाहाटी ले जाया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि विशेष उड़ान के बुधवार तड़के गुवाहाटी उतरने की उम्मीद है। माना जाता है कि असम भाजपा और राज्य सरकार का शीर्ष नेतृत्व गुवाहाटी में शिवसेना के बागी विधायकों के रुकने की व्यवस्था कर रहा है। यह शायद पहली बार है कि किसी पश्चिमी राज्य के विधायकों को पार्टी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह के बाद पूर्वोत्तर राज्य में ले जाया जा रहा है।

महाराष्ट्र में पहले राज्यसभा चुनाव और उसके बाद विधान परिषद चुनाव में भी बगावत के संकेत समझने में असफल रही महा विकास अघाड़ी सरकार शिवसेना में बड़ी बगावत के बाद दांव पर है। 55 सदस्यीय शिवसेना विधायक दल के लगभग आधे विधायकों ने बगावत का झंडा बुलंद कर मुख्यमंत्री उद्धव टाकरे के नेतृत्व को खुली चुनौती दी है। दूसरी तरफ भाजपा मौजूदा विधानसभा में नतीजे आने के बाद लगातार दो बड़े झटकों का राजनीतिक बदला लेने की जुगत में है।

भाजपा और शिवसेना में टकराव की बुनियाद तभी पड़ गई थी, जब गठबंधन में चुनाव जीतने के बाद भी शिवसेना से भाजपा को छोड़कर विरोधी दलों कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने का फैसला किया था। इसके पहले भाजपा ने एनसीपी के साथ मिलकर सरकार भी बनाई, लेकिन शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार की घर वापसी कराकर भाजपा के मंसूबों पर पानी फेर दिया था। तभी से भाजपा शिवसेना से राजनीतिक बदला लेने की कोशिश कर रही थी।

अघाड़ी नहीं समझ सकी संकेत हाल में राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने शिवसेना के एक उम्मीदवार को हराकर साफ कर दिया था कि उसने महाविकास अघाड़ी में सेंध लगा दी थी। इसके बाद विधान परिषद चुनाव में भी वही कहानी दोहराई गई। अघाड़ी के दिग्गज नेता और खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी सारे तंत्र के बावजूद भीतरी हलचल को समझ नहीं पाए। वहीं, भाजपा ने भीतर ही भीतर शिवसेना में सबसे बड़ी टूट की इबारत भी लिख ली और शिवसेना विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में लगभग आधे विधायकों ने बगावत करते हुए गुजरात का रुख कर लिया।

भाजपा ने फडणवीस पर बनाए रखा भरोसा बता दें कि राज्य में सफलता या असफलता के जो भी हालात रहे हों, भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भरोसा बनाए रखा। फडणवीस भी लगातार जुटे रहे और आखिरकार शिवसेना की बगावत सामने आई। बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था, लेकिन भाजपा से काफी कम सीटें होने पर भी शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद पर दावा ठोंका और वह न मिलने पर भाजपा से नाता तोड़ कर कांग्रेस व राकांपा के साथ मिलकर सरकार बना ली थी।

भाजपा के पक्ष में झुक सकता है आंकड़ा भाजपा व उसके साथ खड़े निर्दलीय व अन्य दलों की संख्या 113 है। शिवसेना के 55 में से अभी तक 26 विधायकों की बागवत की खबर आई है। हालांकि, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई बैठक में लगभग 20 विधायकों के ही पहुंचने से यह संख्या और ज्यादा हो सकती है। चर्चा है कि शिवसेना समेत महा विकास अघाड़ी दलों से लगभग 35 विधायक टूट सकते हैं। ऐसे में राज्य में एक बार फिर भाजपा सरकार बनने के आसार बन सकते हैं।

Related Posts