14 जुलाई 2025 को सावन महीने का पहला सोमवार है। यह दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए बेहद शुभ है। मान्यता है कि सावन सोमवार पर शिव पूजन करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके अलावा जीवन में सदैव सुख-समृद्धि वास करती हैं। ऐसे में आइए इस दिन की पूजा विधि और महत्व को विस्तार से जानते हैं…
वाराणसी (ए)। आज सावन माह के पहले सोमवार के दिन 14 जुलाई को धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र बन रहा है। इस दौरान आयुष्मान और सौभाग्य योग रहेगा। इस दिन गजानन संकष्टी चतुर्थी भी है। इस समय भगवान शिव का पूजन भक्तों को शुभता देने वाला होगा।
सावन सोमवार का व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मसंयम और आध्यात्मिक साधना की प्रक्रिया भी है। यह व्रत नारी के लिए अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और दाम्पत्य सुख के लिए किया जाता है, वहीं पुरुषों के लिए यह शक्ति, शांति और आत्मिक उन्नति का माध्यम बनता है। यह व्रत विशेष रूप से कुंवारी कन्याओं में अत्यंत लोकप्रिय है, जो योग्य वर की प्राप्ति के लिए श्रद्धा से यह व्रत करती हैं।
मान्यता है कि स्वयं पार्वती जी ने भी शिव को पति रूप में प्राप्त करने हेतु कठोर तप किया था, जो इस व्रत का मूल प्रेरणास्त्रोत है। सावन सोमवार व्रत श्रद्धा, संयम और साधना का संगम है। इसमें केवल बाह्य आडंबर नहीं, अपितु अंतर की शुद्धि और आत्मा की उन्नति की कामना समाहित है। शिव तत्व को पाने के लिए यह श्रेष्ठ मार्ग है…जहां आस्था से आरंभ होता है और आत्मिक शांति पर समाप्त।
शिव पूजन का उत्तम समय: आज सोमवार के दिन राहुकाल सुबह 07:16 ए एम से 09:00 ए एम तक रहने वाला है। ऐसे में सुबह 7:16 से पहले पूजन समाप्त कर लेना बेहतर रहेगा। इस दिन अमृत चौघड़िया मुहूर्त सुबह 05:33 ए एम से 07:16 ए एम तक रहेगा। फिर शुभ चौघड़िया मुहूर्त सुबह 09:00 ए एम से 10:43 ए एम तक रहेगा।
सावन के पहले सोमवार पर ऐसे करें शिव जी की पूजा
- सावन सोमवार के दिन सबसे पहले स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
- स्नान करने के बाद भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करने का संकल्प लें।
- भोलेनाथ की पूजा में विधि-विधान के साथ भगवान शिव को फूल, धूप, गंध, बेलपत्र, शमी पत्र, जल आदि अर्पित करें।
- इसके बाद लगातार शिव मंत्रों का जाप करते हैं शिवलिंग पर जलाभिषेक करें, देसी घी का दीपक जलाएं और आरती करें।
- सावन के पहले सोमवार व्रत पर शिव चालीसा का पाठ करना बहुत ही शुभ और कल्याणकारी साबित होता है।
सावन का महत्व
इस वर्ष सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू हो गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। पूरे एक माह के दौरान शिवजी और माता पार्वती की विशेष रूप से पूजा-आराधना की जाती है। सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक और उनकी प्रिय चीजों से रुद्राभिषेक किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव सबसे जल्दी प्रसन्न होते हैं और जो भक्त सच्चे मन से उनकी पूजा-आराधना करता है उनके सभी दुख दूर हो जाते हैं। पूरे सावन माह भगवान भोलेनाथ पृथ्वी पर आकर अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।
















