शुभ मुहूर्त में करें दिवाली पूजा, नोट कर लें मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का उपाय, जाने पूजा का सबसे सही समय
नईदिल्ली (ए)। दिवाली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और प्रमुख त्योहार है। दिवाली को दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। दिवाली के पावन दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा- अर्चना की जाती है। हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर दिवाली मनाई जाती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार दिवाली का पूजन प्रदोष काल में करना चाहिए। हिंदू धर्म में पूजा से पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है।
दिवाली पूजा का सबसे सही समय-
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली पूजा शाम को या रात्रि में की जानी चाहिए।
दिवाली के दिन मां लक्ष्मी धरती पर रहती हैं
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली के पावन दिन मां लक्ष्मी का वास धरती में ही होता है। इस दिन विधि- विधान से मां लक्ष्मी की पूजा- अर्चना करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मां लक्ष्मी की कृपा से व्यक्ति का जीवन सुखमय हो जाता है।
इस विधि से पूजा- अर्चना कर करें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को प्रसन्न-
- घर के पूजा स्थल को अच्छे से स्वच्छ करें।
- एक लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं और वस्त्र पर अक्षत अर्थात साबुत चावलों की एक परत बिछा दें। इस पर श्री लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा को विराजमान करें।
- यदि घर में श्रीलक्ष्मी गणेश का चांदी का सिक्का और श्रीयंत्र भी हो तो उन्हें भी इसी आसान पर स्थापित करें। पूजन के लिए फूल, मिठाई, खील, बताशे आदि रखें। लक्ष्मी गणेश के पूजन के लिए घी का एक दीपक बनाएं अन्य दीयों में सरसों के तेल का प्रयोग कर सकते हैं। सर्वप्रथम घी का दीया प्रज्वलित करें।
- विधि- विधान से भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
- मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का अधिक से अधिक ध्यान करें।
- भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की आरती जरूर करें।
- आरती के बाद घर के सभी सदस्यों को प्रसाद दें।
पूजा का शुभ मुहूर्त-
- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त – 06:09 पी एम से 08:04 पी एम
- अवधि – 01 घण्टा 56 मिनट
दीवाली लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- प्रातः मुहूर्त (शुभ) – 06:35 ए एम से 07:58 ए एम
- प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) – 10:42 ए एम से 02:49 पी एम
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ) – 04:11 पी एम से 05:34 पी एम
- सायाह्न मुहूर्त (अमृत, चर) – 05:34 पी एम से 08:49 पी एम
- रात्रि मुहूर्त (लाभ) – 12:05 ए एम से 01:43 ए एम, नवम्बर 05
















