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शिवरात्रि और सावन माह के लिए महाकाल तैयार: भारत का पहला ऐसा मंदिर जहां दर्शनार्थियों को टनल से कराये जाएंगे दर्शन, भक्तों को भीड़ से मिलेगी राहत

श्री महाकालेश्वर मंदिर में 4.36 करोड़ की लागत से बनाई जा रही टनल का 99 प्रतिशत कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इससे मंदिर प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में मदद और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी…

उज्जैन (ए)। महाकल मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए बनाई जा रही टनल का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बता दें कि 12 ज्योतिर्लिंगों में एक देश के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं। इतना ही नहीं महाकाल लोक बनने के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या काफी बड़ी है। इसलिए मंदिर में विशेष त्यौहार या छुट्टी के अवसरों पर प्रतिदिन 4 से 5 लाख श्रद्धालु आना अब आम बात हो गई है।

 

इसी नववर्ष पर लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने महाकाल दर्शन किए हैं, और तो और सावन माह में और शिवरात्रि के अवसर पर महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का उज्जैन आने का अनुमान है। इसी कार्य के अंतर्गत महाकाल मंदिर में अधिक भीड़ को देखते हुए भीड़ नियत्रंण के लिए टनल निर्माण का कार्य शुरू किया गया था।

 

महाकाल मंदिर के अंदर अंडरग्राउंड बनाई गई इस टनल का काम लगभग 2 वर्ष से भी अधिक समय तक चला। जिसके बाद महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जुनवाल ने बताया कि मंदिर के अंदर बन रही टनल का काम लगभग पूरा हो चुका है। टनल में अब सिर्फ साफ-सफाई का काम बचा है, जोकि चल रहा है। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शिवरात्रि और सावन के समय लाखों श्रद्धालुओं को इसी टनल से दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही अगर अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ महाशिवरात्रि की पहले भी हुई तो नवनिर्मित टनल से दर्शन कराये जा सकेंगे।

 

सेफ्टी का रखा गया ध्यान
बता दें कि टनल के अंदर फायर सेफ्टी का भी ध्यान रखा गया है। इसके साथ ही टनल के अंदर लाइटिंग का काम इसके अलावा पूरी टनल को वातानुकूलित एवं व्यवस्थित बनाया गया है। लोक निर्माण के साथ ही महाकाल मंदिर के विस्तारीकरण एवं सौंदरीकरण का द्वितीय फेज का कार्य लगातार चल रहा है।

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