भिलाई। बोलबम सेवा एवं कल्याण समिति के द्वारा मध्य भारत की सबसे बड़ी भगवान भोले शंकर कि बारात विगत 12 वर्षों से निकाली जाती आ रही है। 13 वर्ष कि बारात की तैयारी पूर्ण हो गयी है, जिसमें बोलबम की टीम बढ़ चढ़कर हिस्सा ली है और टीम के सभी सदस्य को दायित्व दिया गया है, जितनी भी झाकियां है उसमें 10,10 सदस्य टीम बनाकर उनको कार्यभार सौपा गया है। कोविड-19 को देखते हुए हजारो माक्स के साथ सेनेटाइजर का भी व्यवस्था समिति द्वारा किया गया है। बाबा की बारात हथखोज इंदिरा नगर से प्रारंभ होकर ट्रांसपोर्ट नगर रोड से कैनाल रोड होते हुए बोलबम चौक होते नन्दी तिराहा होते दुर्गा मेदान पहुंच कर शिव पार्वती जी का काल्पनिक विवाह संपन्न होगा। जिसमें छत्तीसगढ़ के गणमान्य समाज सेवी, राजनेता बाबा की बारात देखने के लिए उपस्थित होंगे।नइसके लिए पूरी व्यवस्था कर ली गई है। इस बार झांकियों का प्रारूप केरल से थयम और कथकली जैसी झांकियां छत्तीसगढ़ में देखने का सौभाग्य लोगों को प्राप्त होगा। आंध्रा की राजमुंदरी झांकी देखने का सौभाग्य प्राप्त होगा। दिल्ली की झांकिया, उत्तर प्रदेश की राममंदिर की झांकिया, उड़ीसा से अनेक झांकियां बस्तर की और संपूर्ण भारत से लगभग 151 झाकियां छत्तीसगढ़ में देखने का सौभाग्य प्राप्त होगा। समिति के अध्यक्ष दया सिंह ने समस्त श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर बाबा की बारात में शामिल हो। इस आयोजन में कई समाजों के लोग बढ चढ़कर हिस्सा ले रहे है। हर समाज अपने द्वारा फल, जूस, भोग, पानी इत्यादि का वितरण करेगा। समिति द्वारा 31 हजार आमन्त्रण कार्ड का वितरण हो चुका है। लोगों के उत्साह देखते हुए ऐसा लग रहा है साधुसंतों, श्रद्धालुओं का आगमन सैकड़ों की तादाद मे होगा। तैयारी पूर्ण हो गयी है। आज भिलाई इस्पात नगरी शिवमय होगा साथ ही आज golden book of world record में भोले बाबा का बारात शामिल होगा जो कि भिलाइवासियो के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा।














