दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। मैं जब छोटी थी तब मेरे पिताजी बस्तर (जगदलपुर) में शासकीय अस्पताल में सर्जन के पद पर पदस्थ थे। मैंने उनको वहां पर लोगो की सेवा करते हुए देखा था। उस समय बस्तर में मेरे पिताजी 12 वर्षो तक एक मात्र सर्जन रहे। उन्होंने सिर्फ सेवा करना ही अपना उद्देश्य रखा था। मेरी बहन जो यूपीएससी क्लीयर कर देश सेवा कर रही है ईनको ही देखकर मैंने भी प्रशासनिक सेवा में जाकर लोगो की सेवा करने की सोची। यह सब बातें दुर्ग संभागायुक्त कार्यालय में उपायुक्त (राजस्व) के पद पर पदस्थ डॉ. मोनिका कौडो ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।
डिप्टी कलेक्टर डॉ. मोनिका कौडो ने अपनी प्रारंभिक व हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा निर्मल विद्यालय, जगदलपुर से प्राप्त की। वर्ष 2005 में इन्होंने शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, रायपुर से आयुर्वेद में स्नातक तथा वर्ष 2011 में आयुर्वेद से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल किया। राजीवलोचन आयुर्वेदिक कॉलेज, चंदखुरी (दुर्ग) में वर्ष 2011 से 2014 तक अध्यापक रही।
वर्ष 2012 के सीजीपीएससी में हिस्सा लिया और डिप्टी कलेक्टर के लिए चयनित हुई। वर्ष 2015 में बतौर प्रशिक्षु इनकी पहली पोस्टिंग दुर्ग में हुई। दुर्ग में इन्होंने फरवरी 2017 तक अपनी सेवाएं दी इस दौरान यह पाटन तहसीलदार भी रही।
फरवरी 2017 से वर्ष 2019 तक इन्होंने सीईओ जनपद पंचायत, अम्बागढ़ चौकी (राजनांदगांव) तथा मोहला एसडीएम के पद पर अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2019 में सरकार ने इन्हें उपायुक्त (राजस्व) की अहम जिम्मेदारी दी है जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रही है।
कुकिंग में विशेष रुचि रखने और अपने पिताजी को अपना आदर्श मानने वाली डॉ. मोनिका कौडों के अम्बागढ़ चौकी, जनपद पंचायत सीईओ रहते हुए स्वच्छ भारत मिशन के राज्यस्तरीय पुरस्कार में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
डॉ. मोनिका कौडों ने बताया कि अपने पिताजी को लोगो की सेवा करते देखकर मैं भी शासकीय जॉब में आने का निश्चय किया। आम लोगो की शासकीय योजनाओं का लाभ नही मिल पाता, प्रशासन में आने बाद मेरा यही प्रयास रहा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। शासकीय कार्यालय में आकर लोगो का काम हो जाये यही मेरी उपलब्धि है।
महिला दिवस पर मैं सभी परिवारो से यह कहना चाहती हूं कि जिस भी परिवार में लड़की पैदा हो और वो उसकी परवरिश भी वैसे ही करे जैसा कि वो लड़का पैदा होने पर करते है, अगर कोई परिवार लड़का-लड़की के परवरिश में अंतर करता है तो इसका अंतर समाज पर पड़ता है। महिलाओं का पुरुषों से पीछे होने का यही कारण है, इसलिए दोनो को एक समान प्यार, परवरिश, सम्मान एक समान दे ताकि समाज और देश का सर्वांगीण विकास हो सके।
महिला दिवस पर संदेश…(देखे वीडियो)
https://youtu.be/Mvp_34h75Ms














