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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जेवरा सिरसा के विद्यार्थियों ने स्मार्ट टीवी के माध्यम से चंद्रयान 3 का प्रक्षेपण देखा LIVE

दुर्ग। अंतरिक्ष विज्ञान क्लब के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक चेतना एवं वैज्ञानिक अभिवृत्ति जागृत करने हेतु करने हेतु भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण घटना चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण को स्मार्ट टीवी के माध्यम से विद्यार्थियों को लाइव प्रसारण दिखाया गया। अंतरिक्ष विज्ञान क्लब की प्रभारी शिक्षिका सपना सोनी ने विद्यार्थियों को बताया कि चंद्रयान 3 का लांच व लांच के बाद अंतरिक्ष में प्रवेश हो चुका है।

भारतीय अंतरिक्ष के क्षेत्र में 14 जुलाई 2023 का दिन स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शुक्रवार को चंद्रमा पर भारत के तीसरा मिशन चंद्रयान 3 का प्रक्षेपण किया गया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो का 642टन वजन वाला एलवीएम 3 रॉकेट ने दोपहर बाद 2:35 बजे चंद्रयान के साथ उड़ान भरी।
चंद्रयान को चंद्रमा पर पहुंचने में करीब 42 दिन लगेंगे।

प्रक्षेपण के ठीक 16 मिनट बाद लगभग 2:50 पर करीब 179 किलोमीटर की ऊंचाई पर चंद्रयान 3 रॉकेट से अलग हो गया। फिर चंद्रयान 3 लगभग 3.84 लाख किलोमीटर की अपनी लंबी चंद्रमा यात्रा शुरू की।

उद्देश्य: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की मौजूदगी की संभावना/तलाशना। इसके अलावा यहां पर अमोनिया, मिथेन, सोडियम, मरकरी और सिल्वर जैसे जरुरी संसाधन की खोज की संभावना तलाशना। चांद की सतह की मिट्टी, वहां का तापमान और वातावरण में मौजूद गैसों के बारे में पता लगाना। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की संरचना, वहां का भू विज्ञान के बारे में खोज करना।

इन सभी खोजो से नासा के आर्टेमिस मिशन के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना। इस मिशन का उद्देश्य है जिसके तहत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर इंसानों को बसाने की योजना कार्य किया जा सकता है। इस अवसर पर विज्ञान अंतरिक्ष क्लब प्रभारी रश्मि साहू, चंचल टिकरिहा, भारती बिष्ट, मुस्कान साहू आदि उपस्थित थे।

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