रायपुर। विवरण – प्रार्थी राधेश्याम धीवर ने थाना अभनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह ग्राम पलौद में रहता है तथा राजमिस्त्री का काम करता है। प्रार्थी की पत्नी खेम कुमारी धीवर गर्भवती थी जिसे दिनांक 20.06.2020 को ग्राम पलौद में दर्द उठने से प्रार्थी महतारी वाहन से अभनपुर शासकीय अस्पताल में प्रसूती वार्ड में भर्ती कराया था कि सुबह 08.10 बजे एक लडका ने जन्म लिया। प्रार्थी और उसकी मां कुन्ती बाई धीवर साथ में थे प्रार्थी की पत्नि एवं बच्चा दोनों स्वस्थ थे। प्रार्थी करीब शाम 04.00 बजे देखभाल हेतु अपने सास को लाने ग्राम कोमा गया था। जहां से वह करीब शाम 06.00 बजे अपने सास को लेकर वापस शासकीय अस्पताल अभनपुर आया। आकर देखा तो उसकी पत्नी अपने बिस्तर पर नहीं थी ढूंढने पर अस्पताल के वार्ड में बदहवास मिली पूछने पर बताई कि कोई अज्ञात गुलाबी रंग की साडी पहनी महिला आधा घंटे पहले उनके बच्चे को डाॅक्टर को दिखाने ले जा रही हूं कहकर निकली है जो लौटकर नहीं आयीं जिसे वह ढूंढ रही थी। प्रार्थी उसकी पत्नी, मां एवं सास सभी आसपास ढूंढते रहें परंतु बच्चा नहीं मिला। जिस पर अज्ञात महिला के विरूद्ध थाना अभनपुर में अपराध क्रमांक 241/20 धारा 363, 365 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
नवजात बच्चे की चोरी की घटना को पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ एच शेख द्वारा गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, नगर पुलिस अधीक्षक उरला, नगर पुलिस अधीक्षक नवा रायपुर एवं थाना प्रभारी अभनपुर को अज्ञात महिला आरोपी की पतासाजी कर उसके कब्जे से नवजात शिशु को सकुशल बरामद करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन कर अज्ञात महिला आरोपी की पतासाजी प्रारंभ किया गया। टीम द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी, उसके परिजन एवं घटना के दौरान अस्पताल में उपस्थित कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ किया गया। अज्ञात महिला की पतासाजी के संबंध में मुखबीर लगाने के साथ – साथ घटना स्थल एवं आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन किया गया। टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर भी अज्ञात महिला की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे थे। इसी दौरान आरोपिया की गिरफ्तारी में लगी टीम को महिला के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई जिसके आधार पर टीम द्वारा नयापारा जिला दुर्ग निवासी पूजा सिन्हा को पकड़कर घटना के संबंध में पूछताछ किया गया। पूछताछ करने पर पूजा सिन्हा द्वारा किसी भी प्रकार से अपराध में अपनी संलिप्तता नहीं होना बताते हुये लगातार टीम को गुमराह किया जा रहा था एवं वह बार – बार अपना बयान बदल रहीं थी। जिस पर टीम द्वारा प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपिया पूजा सिन्हा द्वारा नजवात शिशु को अस्पताल से अपहरण करने की घटना को स्वीकार किया गया। पूछताछ में आरोपिया पूजा सिन्हा ने बताया कि वह एक तलाकशुदा महिला है तथा उसने वर्ष 2019 में विक्रांत सिन्हा नामक युवक से पुनः विवाह किया था। पूजा सिन्हा को शारीरिक कठिनाई होने से डाॅक्टर द्वारा विवाह के पूर्व यह अवगत करा दिया गया था कि वह कभी मां नहीं बन सकती है, इस बात की जानकारी पूजा सिन्हा द्वारा अपने पति एवं सास- ससुर को नहीं दिया गया था। इसी दौरान आरोपिया ने अपने भाई परस राम सिन्हा के साथ मिलकर किसी भी नवजात शिशु को अपहरण करने की योजना बनायी और नवजात शिशु की तलाश करना प्रारंभ कर दिया। योजना के अनुसार उसने अपने पति को बताया कि वह गर्भवती है तथा वह अपने मायके मोतीनगर टिकरापारा रायपुर जाकर बच्चे को जन्म देगी। जिस पर पूजा सिन्हा कुछ दिनों बाद अपने मायके मोतीनगर टिकरापारा रायपुर आ गयी तथा योजना के अनुसार पूरे घटना को अंजाम दे डाला। टीम द्वारा नवजात शिशु को आरोपिया के कब्जे से सकुशल बरामद किया गया एवं आरोपिया को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तार
- पूजा सिन्हा पति विक्रांत सिन्हा उम्र 27 साल निवासी नयापारा थाना कोतवाली जिला दुर्ग।
- परस राम सिन्हा पिता लंकेश्वर सिन्हा उम्र 32 साल निवासी मोतीनगर टिकरापारा रायपुर।






