मां चंद्रघंटा देवी दुर्गा का तीसरा स्वरूप है, इनकी उपासना से मंगल ग्रह मजबूत होते है. जानें तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आरती और उनसे संबंधित उपाय…

नईदिल्ली (ए)। नवरात्रि की तीसरी शक्ति मां चंद्रघंटा की पूजा आज 17 सितंबर 2023 को होगी. मां का यह स्वरूप बहुत ही प्रभावशाली माना गया है. मां चंद्रघंटा की उपासना से साहसी और पराक्रमी बनने का वरदान मिलता है. देवी चंद्रघंटा वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला और उनका वाहन सिंह है।
मां के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्द्धचंद्र सजा है. इसलिए इन्हें चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है. मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की पूजा से कुंडली में मंगल मजबूत होता है. मां चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए तीसरे दिन उनकी आरती करें।
मंगल ग्रह अशुभ होने पर व्यक्ति अत्यधिक क्रोधी या चिड़चिड़े स्वभाव वाला हो जाता है. अशुभ मंगल दुर्घटनाओं का कारण बनता है और रोग घेरने लगते हैं. मंगल दूषित हो तो व्यक्ति जब भी आगे बढ़ने का प्रयास करता है, उसके मार्ग में कोई न कोई बाधा आ ही जाती है. ऐसे में इन समस्याओं से परेशान लोगों को मां चंद्रघंटा की पूजा जरुर करनी चाहिए, इससे लाभ मिलता है।
पैसों की तंगी – आर्थिक समस्या से गुजर रहे हैं तो छुटकारा पाने के लिए मां चंद्रघंटा के सामने उनके मंत्र ‘पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥’ का 51 बार जप करें।
आरोग्य के लिए – नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को लाल फूल, एक तांबे का सिक्का या फिर तांबे की कोई भी वस्तु अर्पित करें. इसके बाद ये सिक्का अपने पर्स में रख लें या फिर से गले में धारण कर लें. इससे आरोग्य का वरदान मिलेगा, साहस में वृद्धि होगी।
आरती:
जय मां चंद्रघंटा सुख धाम।
पूर्ण कीजो मेरे सभी काम।
चंद्र समान तुम शीतल दाती
चंद्र तेज किरणों में समाती।
क्रोध को शांत करने वाली।
मीठे बोल सिखाने वाली।
मन की मालक मन भाती हो।
चंद्र घंटा तुम वरदाती हो।
सुंदर भाव को लाने वाली।
हर संकट मे बचाने वाली।
हर बुधवार जो तुझे ध्याये।
श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं।
मूर्ति चंद्र आकार बनाएं।
सन्मुख घी की ज्योति जलाएं।
शीश झुका कहे मन की बाता।
पूर्ण आस करो जगदाता।
कांचीपुर स्थान तुम्हारा।
करनाटिका में मान तुम्हारा।
नाम तेरा रटूं महारानी।
भक्त की रक्षा करो भवानी।















