नाबालिक से दुष्कर्म के मामले में फरार एक आरोपी को दिल्ली से ढूंढ लाई जशपुर पुलिस…थाना आस्ता के मामले में आरोपी शादी का झांसा देकर लगातार करता रहा, नाबालिक पीड़िता का शारीरिक शोषण…नाबालिक पीड़िता के पांच माह की गर्भवती होने पर, शादी से किया इनकार…
जशपुर। थाना आस्ता क्षेत्रांतर्गत मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 22.04.25 को थाना आस्ता क्षेत्रांतर्गत एक प्रार्थी ने महिला थाना जशपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि, उसके 17 वर्षीय नाबालिक बेटी को उसके गांव का ही आरोपी देवधर राम, उम्र 21 वर्ष, के द्वारा प्रेम करता हूं, शादी करूंगा कहकर दिनांक 20.10.2024 शारीरिक शोषण किया था, तब से लेकर लगातार शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करता आ रहा था, जब उसकी बेटी पांच माह की गर्भवती हो गई, तो आरोपी देवधर राम शादी से इंकार कर रहा है और कहीं भाग गया है।
जिस पर महिला थाना जशपुर में बिना नंबरी रिपोर्ट दर्ज कर, मामला थाना आस्ता क्षेत्रांतर्गत होने से, थाना आस्ता आरोपी देवधर राम के विरुद्ध बी एन एस की धारा 65(1) व 4,6 पॉस्को एक्ट के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया व पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
विवेचना दौरान पुलिस के द्वारा आरोपी देवधर राम की लगातार पतासाजी की जा रही थी, जो कि घटना दिनांक से ही फरार था। इसी दौरान पुलिस को मुखबीर व पुलिस की टेक्निकल टीम की सहायता से पता चला कि आरोपी देवधर राम, दिल्ली में सिविल लाइन इलाके में है, वहां मजदूरी का काम करता है।
जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के द्वारा एक पुलिस टीम गठित कर आरोपी देवधर राम की धरपकड़ हेतु दिल्ली रवाना की गई। जिनके द्वारा आरोपी देव धर राम को दिल्ली की सिविल लाइन इलाके से हिरासत में लेकर वापस लाया गया है।
पुलिस की पूछताछ पर आरोपी देव धर राम के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
मामले की विवेचना व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी आस्ता उप निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, सहायक उप निरीक्षक दीपक बड़ा, प्रधान आरक्षक सुरेश गौड़, आरक्षक बलबीर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन अंकुश के तहत दुष्कर्म के मामले में फरार एक आरोपी को दिल्ली से हिरासत में लेकर लाया गया है, व एक स्थाई वारंटी को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, ऑपरेशन अंकुश के तहत और भी लंबे समय से फरार आरोपियों को चिन्हित कर, उनकी गिरफ्तारी का प्रयास जारी है, ऑपरेशन अंकुश जारी रहेगा।
















