शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकांश राव गिरिपुंजे की हत्या की साजिश रचने वाला और IED ब्लास्ट का मास्टरमाइंड कुख्यात माओवादी माड़वी देवा को DRG की टीम ने तुमालपाड़ के जंगलों में हुई मुठभेड़ में मार गिराया है।
माड़वी देवा, कोंटा एरिया कमेटी का जनमिलिशिया कमांडर था, जो लंबे समय से क्षेत्र में आतंक का प्रतीक बना हुआ था और कई निर्दोष ग्रामीणों की हत्या में शामिल था।
तुमालपाड़ मुठभेड़ में कुल 03 माओवादी कैडरों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें 02 महिला माओवादी भी शामिल हैं।
सुकमा। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कहा कि सुकमा जिले के थाना भेज्जी एवं चिंतागुफा के सीमावर्ती तुमालपाड़ के घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति की पुख्ता सूचना मिलने पर DRG की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। प्रातः आरंभ हुई कार्रवाई के दौरान माओवादियों ने फायरिंग की, जिस पर जवाबी कार्रवाई में तीनों माओवादी ढेर हो गए।
घटनास्थल से मिले दस्तावेज़ों और प्रारंभिक पहचान के आधार पर मृत माओवादी कैडरों का विवरण इस प्रकार है
मुठभेड़ में मार गिराया हगए माओवादी कैडरों की प्रोफ़ाइल
01. माड़वी देवा
निवासी: पोटानार, थाना भेज्जी, जिला सुकमा
रैंक: एरिया जनमिलिशिया कमांडर, स्नाइपर टीम कमांडर
इनाम राशि: ₹5 लाख
आरोप: अनेक नागरिक हत्याएँ, हमले, IED ब्लास्ट की साजिश, शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकांश राव गिरिपुंजे की हत्या की साजिश रचने वाला और IED ब्लास्ट का मास्टरमाइंड।
02. पोडियम गंगी
निवासी: पेद्दापाड़, जिला सुकमा
रैंक: एरिया CNM कमांडर
इनाम राशि: ₹5 लाख।
03. सोड़ी गंगी
निवासी: वेरमगुंडु, थाना किस्टाराम
रैंक: एरिया कमेटी सदस्य
इनाम राशि: ₹5 लाख
बरामदगी: मुठभेड़ स्थल से .303 राइफल, बीजीएल लॉन्चर, गोला-बारूद, हथियारों के पुर्जे, दैनिक उपयोग की सामग्री व माओवादी दस्तावेज़ जब्त किए गए हैं।
बस्तर रेंज के IGP सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि
“बस्तर में माओवाद अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। संगठन की संरचना टूट चुकी है और अब उनकी किसी भी हिंसक चाल या दहशत फैलाने की कोशिश का कोई प्रभाव नहीं रह गया है। सभी सक्रिय माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएँ।”
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक Central Committee Members, DKSZC Members और PLGA Cadres सहित कुल 233 माओवादी मारे जा चुके हैं, जो माओवादी नेटवर्क की निर्णायक कमजोरी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में DRG, बस्तर फाइटर्स, CRPF और अन्य बलों द्वारा व्यापक सर्चिंग लगातार जारी है।
















