भिलाई। भिलाई-दुर्ग अनाज किराना संघ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दिया की 01अप्रैल 2019 को जब से प्रदेश कृषि उपज मंडी विभाग में मंडी शुल्क 2.20% कर दिया था, जो कि पूर्व में 0.70% था। ये मंडी शुल्क हम व्यापारियों को राज्य के बाहर से आयात किए हुए अनाज दलहन पर लगता था, तत्काल उसी समय से हमने भिलाई, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर एवं अन्य शहरों में इस मंडी शुल्क का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी थी।
समय साथ ही उस समय छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन पूरनलाल अग्रवाल एवं कार्यकारी अध्यक्ष योगेश अग्रवाल को अनाज ट्रेडर्स वालों के इस निर्णय से अवगत करा दिया था, साथ ही प्रदेश सरकार से मंडी शुल्क पूर्व दर पर कराने का निवेदन किया था, जिसके अनुसार भिलाई-दुर्ग व्यापारियों के साथ छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स का प्रतिनिधि मंडल भी कृषि मंत्री रविंद्र चौबे से भी मुलाकात कर व्यापारियों के इस मांग से अवगत कराया था। उपरोक्त सभी प्रयासों में दुर्ग अध्यक्ष सुभाष बाकलीवाल, दाल-मिल अध्यक्ष राधेश्याम भूतड़ा एवं भिलाई लिंक रोड अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, संतोष गुप्ता दुर्ग एवं भिलाई-दुर्ग अनाज किराना संघ अध्यक्ष प्रदीप खंडेलवाल, रुपेश अग्रवाल एवं गोविंद कुकरेजा आदि व्यापारियों का सहयोग रहा। व्यापारी संघ के सदस्यों ने लगातार व्यापारियों के हित के लिए काम किया है, इस बार भी लाखों रुपए व्यापारियों का बचाया है, इससे व्यापारियों में हर्ष की लहर है।
जून 2020 में केंद्र सरकार द्वारा दो अध्यादेश देश के सभी राज्यों में लागू किया गया, जिसके अनुसार कृषि उपज मंडी एवं फूड ग्रेन अनुज्ञप्ति दोनों कानून से अनाज- दलहन एवं तिलहन के व्यापार को मुक्त कर दिया गया। तत्काल हम लोगों ने दुर्ग-भिलाई के सभी व्यापारियों ने मिलकर जिलाधीश दुर्ग एवं कृषि उपज मंडी समिति सचिव दुर्ग से मिलकर इस संबंध में जानकारी दी एवं मंडी शुल्क नहीं पटाने का निर्णय लिया।
वर्तमान में उपरोक्त केंद्र सरकार के दोनों अध्यादेश को सुप्रीम कोर्ट ने 4 माह का स्थगन का आदेश दिया हुआ है।
इन सभी सम्मिलित प्रयासों एवं व्यापारी एकता पैनल के प्रमुख पदाधिकारियों के सहयोग से छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने 4 दिन पूर्व 01/04/2019 से 31/03/2022 तक मंडी शुल्क की दर कम करके 0.50 प्रतिशत निर्धारित कर दिया है। अतः सभी व्यापारियों से निवेदन है कि मई 2020 तक 0.50% की दर से पूर्व अवधि का बकाया मंडी शुल्क का भुगतान करें। भविष्य में करीब 3 माह बाद सुप्रीम कोर्ट का आदेश केंद्र सरकार के दोनों अध्यादेश के संबंध में जो भी फैसला होगा जून 2020 से हम सभी अनाज व्यापारी उसका पालन करने का निर्णय लिया है। व्यापारी एकता पैनल के सभी सदस्यों ने पुरजोर मेहनत कर योगेश अग्रवाल के नेतृत्व में मंडी दर को कम करने के लिए लड़ाई लड़ी और आज व्यापारियों का ऐतिहासिक निर्णय आया जिसमें लाखों रुपए व्यापारियों के बच्चे इनमें व्यापारी एकता पैनल के सदस्यों ने व्यापारियों के हित के लिए सदैव अपना योगदान देते हुए इस कार्य को किया। किशोरी लाल कोठारी, जितेंद्र धारीवाल, पुरुषोत्तम टावरी, दिनेश जैन, कन्हैया सोनी, सुनील गुप्ता, केेेके झा, अरविंन्दर सिंह खुराना, प्रदीप खंडेलवाल, प्रमोद अग्रवाल, सुभाष बाकलीवाल दुर्ग, सतीश अग्रवाल, गोविंद कुकरेजा, अर्जुन सचदेव, अभिषेक मित्तल, प्रदीप खंडेलवाल, जिनेश जैन, अनिल अग्रवाल, रुपेश अग्रवाल, सुनील जैन, जफर मोहम्मद, संतोष जैन, निर्मल बाफना, निलेश समदड़िया सबने सभी व्यापारियों का धन्यवाद दिया तथा व्यापारी एकता पैनल भविष्य में भी इसी तरह से व्यापारी हितों का काम करता रहेगा। लिंक रोड व्यापारी संघ के महासचिव दिनेश जैन, उदय सिंह मोहन कुकरेजा, प्रह्लाद कुकरेजा, विनीत जैन आदि सभी व्यापारियों का भी सहयोग रहा।














