विराट कोहली विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड जीतने वाले भारत के तीसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले 2003 में सचिन तेंदुलकर और 2011 में युवराज सिंह ने यह अवॉर्ड जीता था…
अहमदाबाद (ए)। भारतीय टीम विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार गई। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार (19 नवंबर) को कंगारू टीम ने उसे छह विकेट से हरा दिया। ऑस्ट्रेलिया ने मैच जीतकर छठी बार विश्व कप को अपने नाम किया। उसने 1987, 1999, 2003, 2007 और 2015 में भी विश्व कप पर कब्जा किया था। इस मैच के बाद भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड दिया गया।
कोहली विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड जीतने वाले भारत के तीसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले 2003 में सचिन तेंदुलकर और 2011 में युवराज सिंह ने यह अवॉर्ड जीता था। इनमें से सचिन तेंदुलकर फाइनल में हारनी वाली टीम इंडिया के सदस्य थे।
इस विश्व कप में हर भारतीय बल्लेबाज ने रन बनाने के लिए तत्परता दिखाई है, जिससे भारत के स्कोरिंग रेट को अच्छे रन रेट से बढ़ाने में मदद मिली है। पूर्व कप्तान विराट कोहली ने टीम में एंकर बैटर का किरदार निभाई है। यही वजह है कि टीम इंडिया मध्य के ओवरों में ज्यादा विकेट नहीं गंवाई है। विराट का फॉर्म देखने लायक रहा है और वह 95.62 की औसत से 765 रन बनाए हैं, जो कि विश्वकप टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा है। इस दौरान उन्होंने तीन शतक और छह अर्धशतक जड़े हैं। 113 रन इस विश्व कप में कोहली का सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा है।

विश्वकप के एक संस्करण में किसी भी खिलाड़ी द्वारा सर्वाधिक रन कोहली ने अपने नाम कर लिया है। लगातार पांच बार 50+ स्कोर का कीर्तिमान कोहली बनाया है जो विश्वकप में तीसरी बार है और खुद कोहली द्वारा दूसरी बार है। इसके अलावा इस विश्वकप में कोहली ने 95.62 के औसत से रन बनाए हैं जो 500 से ज्यादा रन वाले किसी भी खिलाड़ी के लिए दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।















