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वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के टॉप-200 में IIT बॉम्बे सहित भारत के 3 संस्थान, JNU की स्थिति सुधरी, DU की नहीं

नईदिल्ली (ए)। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2022 में तीन भारतीय संस्थानों को शीर्ष 200 में स्थान मिला है। इनमें आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली तथा आईएससी बेंगलुरु शामिल है। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि यह देश के लिए खुशी एवं गर्व का विषय है। कुल 22 भारतीय विश्वविद्यालयों ने शीर्ष 1000 में जगह बनाई है।

क्यूएस द्वारा बुधवार को जारी की गई विश्व रैंकिंग में में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस को सर्वोत्तम रिसर्च यूनिवर्सिटी का दर्जा भी प्राप्त हुआ है। इस श्रेणी में फैकल्टी के साइटेशन को आधार बनाया जाता है जिसमें यूनिवसिर्टी को 100 में से 100 अंक प्राप्त हुए हैं। बता दें कि उपरोक्त तीनों संस्थान पिछले पांच सालों से लगातार टाप 200 में स्थान बनाने में कामयाब रहे हैं हालांकि उनका रैंक थोड़ा आगे-पीछे इस दौरान होता रहा है।

श्री निशंक ने कहा कि भारतीय संस्थान लगातार वैश्विक रैंकिंग में स्थान बना रहे हैं। हाल में टाइम्स हायर एजुकेशन की रैंकिंग में 18 संस्थान टॉप 200 में स्थान पाने में सफल रहे थे। उन्होंने कहा कि हर प्रकार की रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालय को जगह मिलने से साफ है कि उनका प्रदर्शन पहले से बेहतर हुआ है।

आईआईटी बॉम्बे देश का शीर्ष संस्थान: रैंकिंग के 18वें संस्करण के अनुसार आईआईटी-बॉम्बे लगातार चौथे साल भारत का शीर्ष संस्थान रहा है। हालांकि 2021 की रैंकिंग के मुकाबले वह चार पायदान फिसलकर 177वें नंबर पर है। आईआईटी-दिल्ली भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय है और वह पिछले साल के 193वें नंबर के बजाय इस बार 185वें नंबर पर है। समग्र रैंकिंग में 186वें नंबर पर काबिज आईआईएस देश का तीसरा सर्वश्रेष्ठ संस्थान है। आईआईटी दिल्ली ने इस साल 6 में से 5 मेट्रिक्स के स्कोर में सुधार दिखाया है, जिससे इसकी रैंकिंग में समग्र सुधार हुआ है।

आईआईटी मद्रास का शानदार प्रदर्शन: पहली बार विश्व के शीर्ष 400 विश्वविद्यालयों में आईआईटी-मद्रास ने 20 पायदान की छलांग मारी और अब वह 255वें नंबर पर है, जो 2017 के बाद से उसकी सबसे अधिक रैंकिंग है। आईआईटी खड़गपुर 280वें नंबर पर है।

आईआईटी गुवाहाटी की लंबी छलांग: आईआईटी गुवाहाटी ने इस वर्ष अपनी स्थिति में 75 स्थानों का सुधार किया और 2021 में 470वीं रैंक से उछलकर 395 रैंक प्राप्त किया। इस संस्थान ने रिसर्च साइटेशन प्रति फैकल्टी श्रेणी में वैश्विक स्तर पर 41 रैंक हासिल की।

एमआईटी दुनियाभर में नंबर वन: मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) ने लगातार 10वें साल ओवरऑल रैंकिंग में पहले नंबर पर बरकरार रहा। यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड वर्ष 2006 के बाद से पहली बार दूसरे नंबर पर आया है, जबकि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।

जेएनयू की रैंकिंग सुधरी पर डीयू की नहीं
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2022 में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय ने पहली बार 500-600 के बीच रैंकिंग में अपनी जगह बनाई है। जबकि डीयू की रैंकिंग में कोई सुधार नहीं हुआ है। वह 501-510 के बीच में ही है। जेएनयू के कुलपति प्रो.एम जगदीश कुमार का कहना है कि हम एक शीर्ष संस्थान के रूप में जेएनयू की मान्यता को महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि जेएनयू ने पिछले पांच वर्षों के दौरान विज्ञान और मानविकी और सामाजिक विज्ञान विषयों में मौजूदा कार्यक्रमों को मजबूत करते हुए कई नए शैक्षणिक कार्यक्रमों की शुरूआत की है। जिसमें विशेष रूप से स्नातक इंजीनियरिंग कार्यक्रम और अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप की का इस रैंकिंग में विशेष योगदान है।

आईआईटी दिल्ली की रैंकिंग में और सुधार होगा: प्रो. राव
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो.राम गोपाल राव का कहना है कि आने वाले समय में हम अपनी रैंकिंग में और सुधार करेंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान ने छात्र और शिक्षक अनुपात में बेहतर किया है, जिससे 24 रैंक का सुधार हुआ। जबकि शैक्षणिक प्रतिष्ठा और नियोक्ता प्रतिष्ठा में क्रमश: तीन और 12 रैंक का सुधार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी रैंकिंग संस्थागत प्रदर्शन का एक अच्छा उपाय नहीं हो सकता है, विशेष रूप से आईआईटी दिल्ली जैसे प्रौद्योगिकी केंद्रित संस्थान के लिए। लेकिन आईआईटी दिल्ली ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। राव ने कहा कि हम वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टताके माध्यम से भारत और विश्व के लिए योगदान करना जारी रखेंगे।

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