बीजेपी के दिग्गज नेता सुशील कुमार मोदी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से जूझ रहे थे…
पटना (ए)। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिग्गज नेता सुशील कुमार मोदी का सोमवार (13 मई) को निधन हो गया है. वो 72 साल के थे. उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है।
सुशील कुमार मोदी ने इस साल अप्रैल में खुलासा किया था कि वह कैंसर से पीड़ित हैं और अपने खराब स्वास्थ्य के कारण वह 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. पूर्व राज्यसभा सांसद का पार्थिव शरीर आज मंगलवार (14 मई) को पटना के राजेंद्र नगर इलाके में उनके आवास पर लाया जाएगा और दिन में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा था, ”मैं पिछले छह महीने से कैंसर से जूझ रहा हूं. मुझे लगता है कि अब इसे सार्वजनिक करने का समय आ गया है. मैं लोकसभा चुनाव के दौरान अपना काम नहीं कर पाऊंगा. मैंने इसे पीएम के साथ शेयर किया है. देश, बिहार और मेरी पार्टी के प्रति मेरा आभार।”
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पार्टी में अपने मूल्यवान सहयोगी और दशकों से मेरे मित्र रहे सुशील मोदी जी के असामयिक निधन से अत्यंत दुख हुआ है. बिहार में भाजपा के उत्थान और उसकी सफलताओं के पीछे उनका अमूल्य योगदान रहा है. आपातकाल का पुरजोर विरोध करते हुए, उन्होंने छात्र राजनीति से अपनी एक अलग पहचान बनाई थी. वे बेहद मेहनती और मिलनसार विधायक के रूप में जाने जाते थे. राजनीति से जुड़े विषयों को लेकर उनकी समझ बहुत गहरी थी. उन्होंने एक प्रशासक के तौर पर भी काफी सराहनीय कार्य किए. जीएसटी पारित होने में उनकी सक्रिय भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं. ओम शांति!”
बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा, “बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता, श्री सुशील कुमार मोदी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है. उनका लम्बा सार्वजनिक जीवन जनता-जनार्दन की सेवा और गरीब कल्याण के प्रति समर्पित था. उन्होंने बिहार में पार्टी को मज़बूत और लोकप्रिय बनाने के लिए काफ़ी परिश्रम किया. बिहार के विकास के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे. ईश्वर उनके शोक संतप्त परिवार को दुःख की इस घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करे. ओम शान्ति!”
सुशील कुमार मोदी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत पटना विश्वविद्यालय में एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में शुरू की थी. पटना के साइंस कॉलेज से उन्होंने ग्रेजुएशन किया था. उनकी शुरुआती शिक्षा की बात की जाए तो पटना के सेंट माइकल स्कूल से उन्होंने पढ़ाई की थी।
सुशील कुमार मोदी कुल तीन बार विधायक बने. पहली बार 1990, फिर 1995 और फिर 2000 में वे विधायक बने थे. 2020 में पहली बार वो राज्यसभा सांसद बने थे. हालांकि इसी साल कुछ दिन पहले उनका कार्यकाल समाप्त हुआ था. इसके बाद उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया गया था।
सुशील कुमार मोदी की गिनती बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में होती है. वह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी थे. सुशील मोदी तीन बार बिहार के डिप्टी सीएम बने थे. उनके पास वित्त सहित कई अहम विभाग थे. सुशील मोदी एक बार लोकसभा सांसद भी बने. वह जीएसटी काउंसिल के प्रमुख रहे।
बता दें कि वर्ष 1974 में जेपी आंदोलन के समय सुशील मोदी की अहम भूमिका रही थी. उन्होंने छात्र जीवन से ही सियासत में एंट्री की थी. 1973 से 1977 के बीच वह पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के महामंत्री थे. सुशील मोदी 1990 में सक्रिय राजनीति में शामिल हो गए और उन्होंने ‘पटना सेंट्रल’ विधानसभा (अब कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र) से चुनाव लड़ा और उसमें जीत हासिल की थी।
सुशील कुमार मोदी अपने राजनीतक करियर में जेल भी गए. जेपी आंदोलन और इमरजेंसी के दौरान उन्हें पांच बार गिरफ्तार किया गया. 1974 में छात्र आंदोलन के दौरान भी उन्हें एक बार गिरफ्तार किया गया था. इमरजेंसी के दौरान जब उन्हें गिरफ्तार किया गया था तो वह 19 महीने तक लगातार जेल में थे।
इमरजेंसी के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्टेट सेक्रेटरी सुशील मोदी को नियुक्त कर दिया गया. सुशील कुमार मोदी ने एबीवीपी के कई अहम पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है. वहीं दूसरी ओर बांकीपुर, फुलवारी, बक्सर, हजारीबाग, दरभंगा, भागलपुर जेल और पीएमसीएच कैदी वार्ड में कारा अवधि में बंद किए गए. राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान 10 दिनों की जेल-यात्रा की।
















