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रेमडेसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर राजधानी के बाद दुर्ग में भी दो आरोपी गिरफ्तार, दुर्ग ड्रग्स विभाग की कार्यवाही

भिलाई। कोरोना वायरस के इलाज में उपयोग में आने वाली रेमडेसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का शुक्रवार को दुर्ग ड्रग्स विभाग ने भंडाफोड़ करते हुए दो लोगो पर कार्यवाही की है। ड्रग्स विभाग की टीम ने ग्राहक बनकर डॉक्टर उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। दवा के कालाबाजारी को लेकर यह प्रदेश का दूसरा मामला है जिसमे कार्यवाही की गई है, कल ही राजधानी में भी दो आरोपियों को कालाबाजारी के लिए गिरफ्तार किया गया था।
प्राप्त जानकारी अनुसार ड्रग्स विभाग ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है उसमें एक आरोपी डॉक्टर शुक्ला सरकारी हॉस्पिटल जगदलपुर में पदस्थ है वह भिलाई, कोहका का रहने वाला है वही दूसरा आरोपी कुलेश्वर पटेल बजरंग पारा का निवासी है जो डॉक्टर का दोस्त है।
ड्रग विभाग को इस पूरे मामले की पहले से ही शिकायत मिल रही थी । इसके बाद ड्रग्स विभाग ने डॉ. पीयूष शुक्ला से शुक्रवार की दोपहर करीब 3 बजे संपर्क कर एक निजी हॉस्पिटल से एक कोरोना पॉजीटिव महिला की रिपोर्ट को मैसेज किया। दो इंजेक्शन के 26 हजार रुपए मांगे गए। इसके बाद सहमति बनी। इसके बाद शाम को सुपेला स्थित सुपेला घड़ी चौक पर उन्होंने डॉ. पीयूष शुक्ला ने बुलाया उसके बाद डॉक्टर का दोस्त कुलेश्वर वहां आया। उसने इंजेक्शन दिए और पैसे की मांग की। इसके बाद आसपास मौजूद ड्रग विभाग का स्टॉफ व पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी कुलेश्वर को पकड़ लिया, वही के एक गली से डॉ. शुक्ला को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के पास से 4 इंजेक्शन जब्त किए गए।
असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर बेनी राम साहू ने बताया है कि डॉ शुक्ला ने खुद को सरकारी हॉस्पिटल का डॉक्टर बताया है जिसकी जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों पर ड्रग्स एन्ड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है और आगे की पूछताछ जारी है।

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