राष्ट्रपति ने कहा कि मैं 18वीं लोक सभा के सभी नव निर्वाचित सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। आप सभी यहां देश के मतदाताओं का विश्वास जीतकर आए हैं। देशसेवा और जनसेवा का ये सौभाग्य बहुत कम लोगों को मिलता है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपना दायित्व निभाएंगे।140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम बनेंगे…
नईदिल्ली (ए)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नवनिर्वाचित सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। 18वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद की संयुक्त बैठक में मुर्मू का यह पहला संबोधन है। नई लोकसभा का पहला सत्र गत सोमवार को शुरू हुआ था। इसके अलावा राज्यसभा का 264वां सत्र 27 जून से शुरू होगा। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने आपातकाल पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में भारत एक गणतंत्र के रूप में 75 वर्ष पूरे करने जा रहा है। भारतीय संविधान ने बीते दशकों में हर चुनौती और कसौटी पर खरा उतरा है। देश में संविधान लागू होने के बाद भी संविधान पर कई हमले हुए हैं। 25 जून 1975 को लागू किया गया आपातकाल संविधान पर सीधा हमला था। जब इसे लगाया गया तो पूरे देश में हाहाकार मच गया था, लेकिन देश ने ऐसी असंवैधानिक ताकतों पर विजय प्राप्त की है। मेरी सरकार भी भारतीय संविधान को सिर्फ शासन का माध्यम नहीं बना सकती। हम अपने संविधान को जनचेतना का हिस्सा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के साथ मेरी सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाना शुरू किया है। हमारे जम्मू-कश्मीर में संविधान पूरी तरह लागू किया गया है, जहां अनुच्छेद 370 के कारण स्थिति अलग थी।
उन्होंने कहा कि मैं 18वीं लोक सभा के सभी नव निर्वाचित सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। आप सभी यहां देश के मतदाताओं का विश्वास जीतकर आए हैं। देशसेवा और जनसेवा का ये सौभाग्य बहुत कम लोगों को मिलता है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपना दायित्व निभाएंगे।140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम बनेंगे।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार का मत है कि दुनियाभर से निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्यों में स्वस्थ स्पर्धा हो। यही कंपटीटिव को-ऑपरेटिव फेडरलिज्म की सच्ची स्पिरिट है। राज्य के विकास से देश का विकास, इसी भावना के साथ हम आगे बढ़ते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के संकल्प ने आज भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना दिया है। 10 साल में भारत 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था से ऊपर उठकर पांचवें नंबर पर पहुंचा है। साल 2021 से लेकर साल 2024 के बीच भारत ने औसतन 8 प्रतिशत की रफ्तार से विकास किया है।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार अर्थव्यवस्था के तीनों स्तंभों विनिर्माण, सेवाएं और कृषि को बराबर महत्व दे रही है। पीएलआई योजना और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पारंपरिक सेक्टर्स के साथ-साथ सनराइज सेक्टर्स को भी मिशन मोड पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आजकल ऑर्गेनिक उत्पादों को लेकर दुनिया में डिमांड तेजी से बढ़ रही है। भारत के किसानों के पास इस डिमांड को पूरा करने की भरपूर क्षमता है। इसलिए सरकार प्राकृतिक खेती और इससे जुड़े उत्पादों की सप्लाई चेन को सशक्त कर रही है। ऐसे प्रयासों से किसानों का खेती पर होने वाला खर्च भी कम होगा और उनकी आय भी और बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि आने वाला समय हरित युग का है। मेरी सरकार इसके लिए भी हर जरूरी कदम उठा रही है। हम हरित उद्योगों पर निवेश बढ़ा रहे हैं, जिससे हरित जॉब भी बढ़े हैं। हरित ऊर्जा हो या फिर ग्रीन मोबिलिटी, हर मोर्चे पर हम बड़े लक्ष्यों के साथ काम कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डोमेस्टिक एविएशन मार्केट है। अप्रैल 2014 में भारत में सिर्फ 209 एयरलाइन रूट्स थे। अप्रैल 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 605 हो गई है। हवाई यात्रा में हो रहे इस विस्तार का सीधा लाभ टीयर-2, टीयर-3 शहरों को हो रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट में हर तरह की कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, रोजगार, हर क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। असम में 27 हजार करोड़ रुपये की लागत से सेमीकंडक्टर प्लांट बनाया जा रहा है। यानि नॉर्थ ईस्ट, मेड इन इंडिया चिप्स का भी सेंटर होने वाला है।
उन्होंने कहा कि महिला नीत विकास के लिए समर्पित मेरी सरकार ने महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरूआत की है। देश की नारीशक्ति लंबे समय तक लोकसभा और विधानसभा में अधिक भागीदारी की मांग कर रही थी। आज उनके पास नारी शक्ति वंदन अधिनियम की ताकत है।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का एक व्यापक अभियान चलाया है। इसके लिए सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को आर्थिक मदद भी बढ़ाई जा रही है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं का कौशल बढ़े, कमाई के साधन बढ़े और उनका सम्मान बढ़े।
उन्होंने कहा कि नमो ड्रोन दीदी योजना इस लक्ष्य की पूर्ति में सहायक बन रही है। इस योजना के तहत हजारों सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की महिलाओं को ड्रोन दिए जा रहे हैं, ड्रोन पायलट बनने की ट्रेनिंग दी जा रही है। मेरी सरकार ने हाल में ही कृषि सखी कार्यक्रम भी शुरू किया है। इसके तहत अभी तक सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की 30 हजार महिलाओं को कृषि सखी के रूप में प्रमाण पत्र दिए गए हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पीएम-जनमन जैसी योजना आज अति पिछड़े जनजातीय समूहों के उत्थान का माध्यम बन रही है। सरकार, पीएम सूरज पोर्टल के माध्यम से वंचित वर्गों तक आजीविका के अवसरों को पहुंचाने के लिए सुलभ ऋण भी उपलब्ध करा रही है। मेरी सरकार, दिव्यांग भाइयों और बहनों के लिए, किफायती और स्वदेशी सहायक उप
करण विकसित कर रही है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया तथा डाकघरों के नेटवर्क का उपयोग करके दुर्घटना और जीवन बीमा के कवरेज को बढ़ाने का काम हो रहा है। पीएम स्वनिधि का विस्तार किया जाएगा और ग्रामीण और सेमी अर्बन क्षेत्रों के रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहनों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आज मजबूत और लाभदायक हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का लाभ 2023-24 में 1.4 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है। हमारे बैंकों की मजबूती उन्हें ऋण आधार का विस्तार करने और राष्ट्र के आर्थिक विकास में योगदान करने के लिए सक्षम बनाती है।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने डिफेंस सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज के Reforms से डिफेंस सेक्टर को बहुत लाभ हुआ है। 40 से अधिक ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज को 7 निगमों में संगठित करने से इनकी क्षमता और दक्षता दोनों बढ़ी हैं। ऐसे ही Reforms के कारण भारत आज 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग कर रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार ने युवाओं वाओं की राष्ट्र निर्माण में भागीदारी और बढ़ाने के लिए ‘मेरा युवा भारत, मेरा भारत’ अभियान की शुरूआत भी की है। इसमें अब तक डेढ़ करोड़ से अधिक युवाओं का पंजीकरण हो चुका है। इस पहल से युवाओं में नेतृत्व कौशल और सेवा भावना का बीजारोपण होगा।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने CAA कानून के तहत शरणार्थियों को नागरिकता देना शुरू कर दिया है। इससे बंटवारे से पीड़ित अनेक परिवारों के लिए सम्मान का जीवन जीना तय हुआ है। जिन परिवारों को CAA के तहत नागरिकता मिली है मैं उनके बेहतर भविष्य की कामना करती हूं।
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार भविष्य निर्माण के प्रयासों के साथ ही भारतीय संस्कृति के वैभव और विरासत को फिर से स्थापित कर रही है। हाल में नालंदा यूनिवर्सिटी के भव्य कैंपस के रूप में इसमें एक नया अध्याय जुड़ा है। नालंदा सिर्फ एक यूनिवर्सिटी मात्र नहीं थी, बल्कि वो वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में भारत के गौरवशाली अतीत का प्रमाण थी।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार, विकास के साथ ही विरासत पर भी उतना ही गर्व करते हुए काम कर रही है। विरासत पर गर्व का ये संकल्प आज अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, वंचित वर्ग और सर्वसमाज के गौरव का प्रतीक बन रहा है।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार के प्रयासों से आज भारत, विश्व बंधु के रूप में दुनिया को नया भरोसा दे रहा है। मानव-केंद्रित अप्रोच रखने की वजह से भारत आज किसी भी संकट के समय प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता और वैश्विक दक्षिण की बुलंद आवाज बना है। कोरोना का महासंकट हो, भूकंप जैसी कोई त्रासदी हो या फिर युद्ध की स्थितियां, भारत मानवता को बचाने में आगे रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार भी भारत के संविधान को सिर्फ राजकाज का माध्यम भर नहीं मानती, बल्कि हमारा संविधान जन-चेतना का हिस्सा हो, इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। इसी ध्येय के साथ मेरी सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाना शुरू किया है। अब भारत के उस भूभाग, हमारे जम्मू-कश्मीर में भी संविधान पूरी तरह लागू हो गया है, जहां आर्टिकल 370 की वजह से स्थितियां कुछ और थीं।
















