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रायपुर में DGP-IGP कॉन्फ्रेंस का आज आखिरी दिन, PM मोदी की अध्यक्षता में होगी बैठक

रायपुर। राजधानी रायपुर में चल रहे DGP-IGP कॉन्फ्रेंस का आज रविवार को आखिरी दिन है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक होगी. इस मौके पर कई विषयों पर मंथन होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवा रायपुर में आयोजित 60वीं डीजीपी-आइजी कान्फ्रेंस के दूसरे दिन अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस बलों को आधुनिक तकनीक, डाटा-ड्रिवन मॉडल और एआइ आधारित समाधानों को अपनाने की सलाह दी, जिससे सुरक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

पीएम मोदी ने पुलिस बलों की सेवाओं, समर्पण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए डिजिटल टूल्स के उपयोग और राज्यों के बीच साझा रणनीति की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने से न केवल सहयोग बढ़ता है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत सुरक्षा ढांचा भी तैयार होता है।

प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष शनिवार को चार प्रमुख सत्र आयोजित हुए। इनमें वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद-निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिसिंग में एआइ व फोरेंसिक तकनीक के उपयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चाकी गई।

बता दें कि 28 नवंबर से रायपुर में ये सम्मेलन चल रहा है. जिसमें देशभर के सभी राज्यों के डीजीपी शामिल हुए हैं. तीन दिनों से पीएम मोदी खुद रायपुर में मौजूद हैं. आज इस कांफ्रेंस का तीसरा और आखिरी दिन है. जिसमें पीएम मोदी की अध्यक्षता में बैठक  होगी. इस बैठक में विकसित भारत सुरक्षा के आयाम विषय पर मंथन होगा. इसे साथ ही आतंकवाद और नक्सलवाद के खात्मे पर हाई-लेवल समीक्षा की जाएगी. इस बैठक में साइबर क्राइम से निपटने की रणनीति पर चर्चा होगी।

ड्रग व हथियार तस्करी नेटवर्क पर अलग-अलग राज्यों ने अपने सुरक्षा मॉडल साझा किए. पुलिसिंग में नई टेक्नोलॉजी को बढ़ावा पर जोर, इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करने पर निर्देश दिया गया. इसके अलावा फाइनेंशियल फ्रॉड और डिजिटल क्राइम पर अलर्ट रहने का संदेश दिया गया. ड्रोन, डार्कनेट और AI खतरों पर सत्र में मंथन भी हुआ।

रायपुर IIM में शनिवार को सुबह 8 बजे शुरू हुई बैठक देर शाम तक लगातार चलती रही. पहले सत्र में देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली विदेशी फंडिंग पर बात की गई. सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए अपने इनपुट और प्लान साझा किए।

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