
रायपुर। राजधानी की यातायात पुलिस को एक अविष्कारिक पुलिस कहे तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी क्योकि राजधानी पुलिस ने यातायात सुधार के कई ऐसे लोकल अविष्कार करती आ रही है। पुलिस को जो डंडा दिया जाता है अपराधियो को सुधारने के लिए वही डंडा आज वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने का काम कर रही है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए देश और दुनिया सभी लॉकडाउन का पालन कर रही है। इस विषम परिस्थिति में रायपुर यातायात डीएसपी सतीश ठाकुर ने सडको पर सहकर्मी को लिए एक अनोखा अविष्कार किया है जिसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है। इस नए अविष्कार के लिए इन्होंने पुलिस के डंडे में ऐसा सिस्टम तैयार करवाया है। जिसमे से पहले पुलिस किसी से मिलने के पूर्व उसे दूर से ही सेनिटाइज करेगी फिर उसके बाद उसकी समस्या सुनेगी। जिससे पुलिसकर्मियों को भी संक्रमण का खतरा कम होगा। ऐसे डंडे का आज ट्रैफिक डीएसपी द्वारा राजधानी के भगत सिंह चौक पर ट्रायल किया जो की सफल रहा है।
ज्ञात हो कि इसके पूर्व भी ट्रैफिक डीएसपी के मार्गदर्शन में शहर की कई तंग गलियों को सेनिटाइज करने के लिए स्थानीय समान से ड्रोन महज 17 घंटे में बनवाया गया था। जो कई लीटर सेनेटाइजर को लेकर बीस मिनट तक तंग गलिये,भीड़भाड़ एरिया और ऊंची बिल्डिंगों को सेनेटाइज करने का काम कर रही है। जिसकी प्रशंसा प्रदेश स्तर हुआ था। इस ड्रोन का शुभारंभ रायपुर एसएसपी आरिफ़ शेख ने जयस्तम्भ चौक पर किया था।









