रायपुर। छत्तीसगढ़ का पहला पुलिस कमिश्नरी सिस्टम 23 जनवरी से रायपुर में लागू होगा। बुधवार रात इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। रायपुर-बीरगांव नगर निगम के 21 थानों में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू हो गया है, जहां आईजी रैंक के अधिकारी बैठेंगे। जबकि निगम क्षेत्र के बाहर 12 थानों में देहात एसपी सिस्टम लागू होगा। इसका नया सेटअप तैयार किया जाएगा। देहात एसपी डीआईजी रैंक के अधिकारी होंगे। इनकी रिपोर्टिंग नया रायपुर ग्रामीण आईजी रेंज को होगी। पुलिस कमिश्नरी में 21 अधिकारियों की पोस्टिंग होगी।
रायपुर के लिए तैयार किया गया यह कमिश्नरी मॉडल देश के 5 राज्यों के 7 प्रमुख महानगरों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन करने के बाद बनाया गया है। इसमें अपराध नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और वीवीआईपी सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक संसाधनों और त्वरित निर्णय लेने की शक्तियों का समावेश किया गया है।
राजधानी रायपुर के कमिश्नरी बनने के बाद रायपुर आईजी रेंज का स्वरूप भी बदल जाएगा। अब धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद और बलौदाबाजार को मिलाकर एक नया रेंज बनाया जाएगा। कमिश्नर सिर्फ रायपुर शहर की कानून-व्यवस्था संभालेंगे, जबकि नए आईजी अन्य जिलों की कमान संभालेंगे।
रायपुर ग्रामीण का होगा नया आईजी रेंज शासन ने रायपुर ग्रामीण आईजी रेंज गठित किया है। इसमें रायपुर ग्रामीण एसपी के साथ बलौदाबाजार, महासमुंद, गरियाबंद और धमतरी शामिल होगा। शंकर नगर ही रेंज आईजी दफ्तर होगा। एसपी ऑफिस नवा रायपुर में बनाया जाएगा।
पुलिस कमिश्नरी में ये 21 थाने सिविल लाइन, तेलीबांधा, देवेंद्र नगर, पंडरी, कोतवाली, गोलबाजार, गंज, मौदहापारा, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, आजाद चौक, टिकरापारा, डीडी नगर, सरस्वती नगर, आमानाका, कबीर नगर, खमतराई, गुढ़ियारी, उरला, खम्हारडीह और मुजगहन।
रायपुर देहात में ये 12 थाने: विधानसभा, धरसींवा, सिलतरा, तिल्दा-नेवरा, खरोरा, आरंग, मंदिर हसौद, माना, राखी, नवा रायपुर, अभनपुर और गोबरा नवापारा।
दो से चार थानों का हो सकता है सब-डिवीजन
- सिविल लाइन- सिविल लाइन, देवेंद्र नगर, तेलीबांधा।
- कोतवाली- कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा, गंज।
- उरला- उरला, गुढ़ियारी और खमतराई।
- पुरानी बस्ती- पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमानाका।
- आजाद चौक- आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर
- राजेंद्र नगर- राजेंद्र नगर, टिकरापारा, मुजगहन।
- पंडरी- पंडरी और खम्हारडीह।
कमिश्नर प्रणाली में होंगे 21 अधिकारी
- पुलिस कमिश्नर (आईजी)
- एडिशनल पुलिस कमिश्नर (डीआईजी)
- डीसीपी (एसपी)- 5 डीसीपी होंगे। इसमें 3 जोन, ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल, साइबर एंड क्राइम।
- एडिशनल डीसीपी (एएसपी)- 9 एडिशनल डीसीपी होंगे। इसमें 3 जोन, 2 साइबर एंड क्राइम, 2 ट्रैफिक, 1 प्रोटोकॉल, 1 डीएसबी।
- एसीपी (डीएसपी)- 21 एसीपी होंगे। 7 सबडिविजन, 2 साइबर एंड क्राइम, 1 पुलिस लाइन, 1 मुख्यालय, 1 शिष्टाचार, 3 अजाक व सीडब्ल्यू, 6 ट्रैफिक।
रायपुर कमिश्नर को ये अधिकार हासिल होंगे
- छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम 2007: सभा, जुलूस, धरना की अनुमति पुलिस कमिश्नर देंगे। धारा 144 लगा सकेंगे।
- बंदी अधिनियम 1900: अभी जेल प्रशासन कलेक्टर के अधीन था। अब पुलिस कमिश्नर जेल में गड़बड़ी, सुरक्षा चूक पाए जाने पर सीधे कार्रवाई कर सकेंगे। पैरोल देने का अधिकार भी होगा।
- विष अधिनियम 1919: शक हो कि कहीं जहर अवैध रूप से रखा या बेचा जा रहा है तो तलाशी पुलिस कमिश्नर कराएंगे।
- अनैतिक व्यापार (रोकथाम) एक्ट 1956: देह व्यापार से जुड़े मामलों में पुलिस कमिश्नर कार्रवाई कर सकेंगे।
- मोटर वाहन अधिनियम 1988: सीपी जिले का ट्रैफिक कंट्रोलर होगा। कौन सा वाहन कहां चलेगा,कहां पार्किंग होगी, तय करेंगे।
- गैरकानूनी गतिविधियां एक्ट 1967: अगर केंद्र किसी जगह को गैरकानूनी संगठन से जुड़ा घोषित कर दे, तो वहां की जमीन, मकान अब पुलिस कमिश्नर संभालेंगे।
- आधिकारिक गोपनीयता एक्ट 1923: इससे जुड़े मामलों में तलाशी के आदेश पुलिस कमिश्नर कार्यालय से जारी होंगे।
- पशु अतिक्रमण अधिनियम 1871: कमिश्नर तलाशी और कार्रवाई कर सकेंगे।
- छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990: जिला बदर जैसी कार्रवाई सीपी करेंगे।
















