अयोध्या में राम मंदिर की तरफ जाने वाले रास्तों को पांच किलोमीटर पहले बंद कर दिया गया है। इधर बाराबंकी और लखनऊ की तरफ से अयोध्या की तरफ जाने वाली बसें रोक दी गई हैं…
अयोध्या (ए)। प्राण प्रतिष्ठा के बाद लाखों रामभक्त अपने आराध्य के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच गए। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इन्हें नियंत्रित करने के लिए खुद यहां आकर मोर्चा संभालना पड़ा। उन्होंने पहले हेलीकाप्टर से रामजन्मभूमि व राम पथ का हवाई सर्वेक्षण किया और फिर राम मंदिर पहुंचे। पब्लिक एड्रेस सिस्टम से श्रद्धालुओं को संबोधित कर धैर्य बनाए रखने की अपील की।
मंगलवार को सीएम योगी को प्रशासन और मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिली कि अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए अनुमान से बहुत ज्यादा संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए हैं। इसके बाद उन्होंने तत्काल प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार को रामनगरी में व्यवस्था को सुचारू करने का निर्देश देते हुए रवाना किया। दोपहर में यहां पहुंचे दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने कमिश्नर गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, डीएम नितीश कुमार और एसएसपी राजकरण नय्यर से भीड़ नियंत्रण के उपायों पर मंत्रणा कर आनन-फानन में उन्हें प्रभावी कराया।
इसके बाद शाम सवा चार बजे के करीब खुद सीएम योगी भी रामनगरी पहुंच गए। पहले उन्होंने अयोध्या धाम का हवाई सर्वेक्षण कर रामजन्मभूमि पथ और राम पथ पर मौजूद भीड़ का आंकलन किया। इसके बाद उनका हेलीकाप्टर साकेत कॉलेज में बनाए गए हेलीपैड पर उतरा। यहां से वह सीधे राम मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए प्रभावी की गई व्यवस्था को परखा। प्रमुख सचिव गृह और डीजी एलओ से भी इस बारे में रिपोर्ट ली। साथ ही सभी रामभक्तों को बिना किसी अवरोध व व्यवधान के सुव्यवस्थित दर्शन कराने के निर्देश दिए।
सीएम ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से राम मंदिर और अयोध्या धाम में मौजूद रामभक्तों को संबोधित भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रामलला के दर्शन के लिए यहां आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है। आप सभी धैर्य और संयम बनाए रखें। कोई भी हड़बड़ाए न, धक्का-मुक्की न करें। लाइन में लगकर प्रशासन और पुलिस के अनुरोध को स्वीकार करते हुए अपनी बारी का इंतजार करें। सभी को दर्शन मिलेगा। इसके लिए प्रशासन ने सभी व्यवस्था कर रखी है।
सीएम के संबोधन को एड्रेस सिस्टम के माध्यम से बार-बार प्रसारित किया जाता रहा। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को भी प्रसारित किया गया। यह अपील उन्होंने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास हुई जनसभा में देशवासियों से की थी। इसमें पीएम मोदी ने रामभक्तों से 22 जनवरी को अयोध्या न आने का आग्रह किया था।
रोकी गई बस: अयोध्या राम मंदिर में भारी भीड़ को देखते हुए अयोध्या जाने वाली यूपी रोडवेज की सभी बसें रोक दी गई हैं। परिवहन निगम के महाप्रबंधक ऑपरेशन मनोज पुंडीर ने बताया कि अयोध्या जाने वाली सभी मार्ग कि बसों का संचालन बंद किया गया है। भीड़ कम होने पर इसकी समीक्षा की जाएगी। अयोध्या में मंदिर की ओर जाने वाले सभी रास्तों को चार से पांच किलोमीटर पहले ही बंद कर दिया गया है। सिर्फ पैदल यात्रियों को ही लाइन से पैदल जाने की अनुमति मिली है। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। सुबह से भारी संख्या में लोग मंदिर के बाहर जमा हो गए थे। जिससे प्रशासन के सामने अव्यवस्था के हालात पैदा हो गए थे। परिवहन निगम के महाप्रबंधक ऑपरेशन मनोज पुंडीर ने बताया कि अयोध्या जाने वाली सभी मार्ग कि बसों का संचालन बंद किया गया है।
रामलला के दर्शन को लगी कतार टूटने का नाम नहीं ले रही थी। दोपहर 3:00 बजे तक करीब ढाई लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगा ली थी। शाम 6 बजे तक साढ़े तीन लाख लोग रामलला के दर्शन कर चुके हैं। नियम के अनुसार मंदिर के कपाट 7 बजे बंद हुए। संभव है कि भीड़ देखते हुए उसका समय और बढ़ाया जाए। अभी तक मंदिर के कपाट बंद करने का समय बढ़ाने का फैसला नहीं हुआ है। भक्तों की भीड़ आधी रात से ही मंदिर के बाहर जमा हो गई थी। भीड़ को देखते हुए यूपी रोडवेज ने अयोध्या की ओर जाने वाली बसें रोक दी हैं। परिवहन निगम के महाप्रबंधक ऑपरेशन मनोज पुंडीर ने बताया कि अयोध्या जाने वाली सभी मार्ग कि बसों का संचालन बंद किया गया है।















