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राज्योत्सव में आए विदेशी आदिवासियों को भा गया छत्तीसगढ़ पुलिस का दोस्ताना व्यवहार: IPS राजेश अग्रवाल और ASP नेहा पांडेय ने उनकी सुरक्षा और पसंद का रखा विशेष ध्यान

रायपुर। हाल ही सम्पन्न हुए छत्तीसगढ़ राजोत्सव में आए विदेशी आदिवासियों की आवभगत और छत्तीसगढ़ पुलिस का मित्रवत व्यवहार इन दिनों सुर्खियों में है। इस आवभगत और मित्रवत व्यवहार का चर्चा पूरे प्रदेश सहित देश और विदेश में भी हो रहा है। इसका अंदाजा आप विदेशी आदिवासियों के मिजाज और डांस से लगा सकते है। राज्योत्सव के खास मौके पर विशेष मेहमान के रूप में आए विदेशी आदिवासियों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति और माहौल खूब भाया। विशेषकर मेहमानों की सुरक्षा में तैनात छत्तीसगढ़ पुलिस के दोस्ताना माहौल ने भी उनके जेहन में एक विशिष्ट छाप छोड़ी है। विदेशी आदिवासी राज्योत्सव में विशेष कार्यक्रमों के लिए शिरकत करने पिछले दिनों से राजधानी रायपुर में ठहरे थे।

उनका ख्याल रखने के लिए राज्य सरकार ने आईपीएस राजेश अग्रवाल और एएसपी नेहा पांडे को जिम्मेदारी थी। आईपीएस राजेश अग्रवाल मेहमानों की व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए प्रभारी नियुक्त किया था वहीं सह-प्रभारी के रूप में नेहा पांडे मेहमानों की सुरक्षा और उनकी पसंद पर राजधानी के अलग-अलग इलाकों में भ्रमण कराई। राजधानी के मॉल, मुक्तांगन पुरखौती और अन्य स्थल को देखकर विदेशी आदिवासी मेहमान गदगद हो गए। पुलिस के दोस्ताना रूख को देखकर उनके मन में छत्तीसगढ़ सरकार की एक अलग छाप बनी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रात में प्रोग्राम में मशरूफ कलाकारों को दिन में राजधानी का दीदार कराया जाता था। राजधानी रायपुर की बसाहट और खूबसूरती देखकर मेहमान सरकार की व्यवस्था की तारीफ करते थे वही छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक अच्छे दोस्ताना माहौल बनाकर मेहमानों का मन जीत लिया। मेहमानों को पुलिस का नरम रूख और उनके अच्छे व्यवहार ने काफी प्रभावित किया।

छत्तीसगढ़ सरकार की छवि को मद्देनजर रखकर पुलिस अफसरों ने मेहमानों के आवभगत में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके साथ आपसी संबंध को मजबूती देते हुए पुलिस अफसरों ने मेहमानों का मान बढ़ाया, यही कारण है कि न्यूजीलैंड, मोजाम्बिक, सर्बिया, टोबो, इजिप्त, रूस, मंगोलिया, मालद्वीप व इंडोनेशिया से आए आदिवासी मेहमान कुछ दिनों के लिए छत्तीसगढ़ की संस्कृति से रच- बस गए। उन्हें अपने मुल्क से बाहर होने का अहसास नहीं हुआ। बहरहाल एक अच्छे मेजबान के गुण को दिलो-दिमाग में लेकर विदेशी मेहमान अब वापस अपने देश लौट गए। उन्हें छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू बरसों याद रहेगी।

 

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