रायपुर। राजभवन में राज्यपाल अनुसुईया उइके के विदाई समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने राजभवन परिवार के समस्त अधिकारियो एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अपने कार्यकाल के विभिन्न पलों को याद किया और राजभवन परिवार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में कार्य मेरे लिए अविस्मरणीय पल है। उन्होंने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर उनसे मिलने आए और उन्होंने सभी की समस्याओं के निवारण के लिए हरसंभव प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में राजभवन को जनभवन के रूप में स्थापित करने में उनके द्वारा निरंतर प्रयास किया गया। इसके लिए उन्होंने राजभवन परिवार के सहयोग को भी रेखांकित किया।
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की कला, परंपरा और संस्कृति को याद करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की अनमोल विशेषता बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग अत्यंत सीधे एवं सरल हैं, यही यहां के लोगों को विशेष पहचान दिलाता है। उन्होंने प्रदेश की जनता समेत समस्त आदिवासी समुदायों द्वारा मिले स्नेह और सम्मान के लिए भी आभार जताया। साथ ही राज्यपाल ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि जिस तरह आप सभी ने जनता के हित में कार्य करने के लिए मेरा सहयोग किया है उसी तरह छत्तीसगढ़ के नए राज्यपाल का भी सहयोग करें।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, विधिक सलाहकार राजेश श्रीवास्तव, उपसचिव दीपक अग्रवाल, परिसहाय विवेक शुक्ला, मेजर सिद्धार्थ सिंह, नियंत्रक श्री हरबंश मिरी एवं राज्यपाल के निज सहायक जितेन्द्र सोलंकी ने भी समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल के कार्यकाल को याद किया और राजभवन और उससे जुड़े अनुभवों को साझा किया। सभी ने राज्यपाल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही राजभवन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राज्यपाल सुश्री उइके को मणिपुर राज्य का राज्यपाल बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर राज्यपाल को राजभवन परिवार की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
राज्यपाल अनुसुईया उइके को मणिपुर का नया राज्यपाल बनाया गया है। राजभवन सचिवालय द्वारा आयोजित विदाई समारोह के उपरांत राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने छत्तीसगढ़ के प्रदेशवासियों के नाम अपना संदेश प्रेषित कर आभार व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि 29 जुलाई 2019 से राज्यपाल के रूप में उन्हें प्रतिपल छत्तीसगढ़ वासियों का असीम प्रेम प्राप्त हुआ है। प्रदेशवासी जितने सरल, सहज और निश्छल स्वभाव के हैं, उतनी ही आत्मीयता के साथ मुझे राज्यपाल के रूप में स्वीकार किया। शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों के सतत् सहयोग से प्रदेश की शासकीय गतिविधियों के संचालन में कभी कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्रीमण्डल के सभी सदस्यों, सभी संवैधानिक निकायों के अध्यक्ष, पदाधिकारी, रेडक्रॉस, सैनिक कल्याण बोर्ड, सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े अधिकारियों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। राज्यपाल ने कहा कि सभी के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोग से ही प्रदेश के विकास तथा कल्याण के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन कर पाई। उन्होंने अपने संदेश में आगे कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश को लेकर मेरा अनुभव इतना सुखद रहा है कि मैं प्रदेश में बस्तर से लेकर सरगुजा तक जहां भी गई, मुझे लोगों का असीम स्नेह मिला। समाज के सभी वर्गों के लोगों ने आत्मीयता के साथ मुझसे मुलाकात की और अपनी समस्याएं साझा की।
राज्यपाल के रूप में अपनी क्षमता के अनुरूप यथा संभव उनका सहयोग किया। प्रदेश जनजातीय बाहुल्य है और संवैधानिक प्रमुख के रूप में उनके हितों का संरक्षण भी राज्यपाल की जिम्मेदारी है। राज्यपाल के रूप में इस दायित्व को भी समर्पण के साथ निभाया। जनजातीय समुदाय और महिलाओं के उत्थान में अपनी सर्वोच्च योगदान देने का लिये प्रयासरत् रही। राज्यपाल के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से मैं मानती हूं कि ‘‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’’ हैं और इस अवसर पर छत्तीसगढ़ महतारी को शत-शत् नमन करती हूं। साथ ही इस प्रदेश के प्रगति, उत्तरोत्तर विकास और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना करती हूं।















