रायपुर। राजीव युवा मितान क्लब खातों में जमा राशि शासन के खजाने में उसको तत्काल शासन के खजाने में हस्तांतरित करवाया जाएं साथ ही पूर्व में उपयोग किए गए राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत करवाएं। सभी एसडीएम इस विषय पर ठोस कदम उठाएं और प्रतिवेदन प्रदान करें। यह बातें कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कहीं। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि आगामी 5 जुलाई को जिले के प्रत्येक शासकीय परिसर, भवन, कार्यालयों में पौधरोपण का अभियान चलाया जाएगा। अस्पताल, स्कूल परिसर में जहां पर जगह हो वहां पर बड़े पौधे रोपित किया जाए ताकि उनकी ग्रोथ जल्दी हो। कलेक्टर ने कहा कि 01 जुलाई से नई भारतीय न्याय संहिता लागू हो चुकी है। ऐसे में सभी अधिकारी-कर्मचारी नई संहिता के बारे में जानकारी हासिल करें और जागरूक करें।
डॉ. सिंह ने कहा कि सड़को पर ट्रांसफ़ॉर्मर या बिजली खम्बे में लगे पैनल बॉक्स के दरवाजे खुले हुए हैं उसको बंद करें और जिसके पैनल नहीं है उसके लिए चोरी की रिपोर्ट दर्ज करायें। इससे आमजनों को नुकसान पहुंच सकता है। अतः प्राथमिकता से इस कामों को विद्युत विभाग पूर्ण करें। सड़कों के किनारे पुराने वाहन दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल नगर निगम को और ट्रैफिक पुलिस को दे।
कलेक्टर ने कहा कि सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाए। लंबे समय से सड़कों पर रखी गाड़ियों को हटाने की कार्रवाई की जाए। इससे सड़कों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और दुर्घटना की आशंका भी कम हो जाएगी। समस्त शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्यता सुनिश्चित करें।
जहां पर कोई बोर अनुपयोगी हो, उस ओर छत में आने वाले और अन्य जगह एकत्र होने वाले बारिश के पानी तथा को भी सुरक्षित करते हुए डाईवर्ट करें। हॉस्पिटल, आंगनबाड़ी, स्कूल समेत अन्य शासकीय कार्यालयों में बारिश के पानी को सहेजने के लिए उपाय अपनायंे ताकि यह पानी व्यर्थ ना जाए और जल स्तर भी बने रहे। बैठक में नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विश्वदीप सहित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
श्रमिक अन्न सहायता योजना में भोजन की गुणवत्ता रहे बेहतर: कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में श्रम विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि श्रम अन्न सहायता योजना के अंतर्गत रायपुर में जहाँ-जहाँ श्रमिकों के लिए 5 रुपये के राशि से भोजन उपलब्ध कराई जा रही है वहाँ भोजन की गुणवत्ता बेहतर हो। कलेक्टर ने श्रम निरीक्षकों को इसके गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए है।
बैठक में कलेक्टर डॉ. सिंह ने उप संचालक औद्योगिक स्वस्थ्य एवं सुरक्षा, श्रम विभाग रायपुर के अंतर्गत कारखानों का रेंडम निरीक्षण कर अभियोजन दायर की स्थिति, श्रमिकों के मेडिकल जाँच (वार्षिक) की जानकारी, औद्योगिक दुर्घटना में मुआवजा की जानकारी, जिले में अपंजीकृत कारखानों की जानकारी, कारखानों की कुल संख्या, कार्यरत संविदा श्रमिकों की संख्या, श्रमिकों के ईएसआईसी एवं ईपीएफ़ की सुविधा इत्यादि की समीक्षा की।
बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहा कि विभाग में संचालित योजनाओं का लाभ हर श्रमिक को मिले इसकी सुनिश्चितता हो। इस दौरान रायपुर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा, अपर कलेक्टर उज्जवल परवाल सहित श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित थे।
















