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रसायन विभाग के शोधार्थी अमिताभ शर्मा को डॉक्टरेट की उपाधि से किया गया सम्मानित

बिलासपुर। डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय, कोटा बिलासपुर के रसायन विभाग के शोधार्थी डॉ. अमिताभ शर्मा को उनके शोध कार्य “बॉटम अप अप्रोच टू सस्टेनेबल एंड लो कॉस्ट टेक्नीक फॉर डोमेस्टिक वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट बाय लिक्विड रिसोर्स मॉडल” पर डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई है।

डॉ. शर्मा के इस शोध कार्य में घरेलू उपयोग के बाद निकलने वाले पानी को एक संसाधन के रूप में देखने की बात कही गई है, न कि इसे व्यर्थ समझने की। इस शोध में डॉ. शर्मा ने कम लागत वाली प्राकृतिक तकनीकों को अपनाकर घरेलू उपयोग के पानी को उपचारित करने और पुनः उपयोग करने पर जोर दिया है।

शोध की मुख्य बातें:

5R सिद्धांत: इस शोध में 3R सिद्धांत (रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकल) से आगे बढ़कर 5R सिद्धांत (रिफ्यूज, रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकल, रिचार्ज) को अपनाने पर जोर दिया गया है।

कम लागत वाली तकनीक: इस शोध में कम लागत वाली प्राकृतिक तकनीकों का उपयोग करके घरेलू उपयोग के पानी को उपचारित करने पर जोर दिया गया है, जैसे कि कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड्स और बायोफिल्टर।

जल संरक्षण: इस शोध का उद्देश्य जल संसाधनों का संरक्षण करना और जल प्रदूषण को कम करना है।

डॉ. शर्मा के इस शोध कार्य का मार्गदर्शन डॉ. रश्मि वर्मा, विभागाध्यक्ष, रसायन विभाग, डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय, कोटा बिलासपुर ने किया है।

डॉ. अमिताभ शर्मा के इस उपलब्धि पर डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय परिवार को गर्व है और हमें उम्मीद है कि उनका यह शोध कार्य जल संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डॉ. अमिताभ शर्मा एक अनुभवी नगरपालिका अधिकारी हैं, जो वर्तमान में पंडरिया नगर पालिका, जिला कबीरधाम में मुख्य नगरपालिका अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके पास नगरपालिका सेवा में 27 वर्षों का अनुभव है, और उन्होंने 2003 से मुख्य नगरपालिका अधिकारी के रूप में विभिन्न पदों पर कार्य किया है।

व्यक्तिगत विवरण: डॉ. अमिताभ शर्मा वर्तमान में मुख्य नगरपालिका अधिकारी, पंडरिया नगर पालिका के पद पर पदस्थ है, लगभग 27 वर्ष कार्य करने का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी अबहानपुर, डोंगरगढ़, बेमेतरा, सारंगढ़, पत्थलगांव, सूडा, कवर्धा, खरसिया, सिमगा, साजा और ज़ोन कमिश्नर, नगर निगम भिलाई के पद पर अपनी सेवाये दी है।

उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पहला गौरव पथ, नगर पंचायत डोंगरगढ़ (2004), मॉडल बाजार, सारंगढ़ (अवार्डेड और छत्तीसगढ़ में सभी नगरपालिका निकायों में हाट बाजार योजना के रूप में दोहराया गया), राष्ट्रीय शहरी जल पुरस्कार, भारत सरकार (2011), ऊर्जा दक्षता पुरस्कार, क्रेडा (2015 कवर्धा और 2016 खरसिया) पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

डॉ. अमिताभ शर्मा एक अच्छे खिलाड़ी हैं और उन्होंने स्कूल के समय में विभिन्न बैडमिंटन टूर्नामेंट जीते हैं। वे स्कूल स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और स्कूल स्काउट टीम के समूह नेता थे।कॉलेज में वे कॉलेज स्टूडेंट यूनियन के सचिव और कॉलेज बैडमिंटन टीम के सदस्य थे।

नगरपालिका सेवा में शामिल होने से पहले, डॉ. अमिताभ शर्मा ने क्यूरवर्थ इंडिया लिमिटेड बोरगांव, छिंदवाड़ा और आईपीसीए लैब लिमिटेड, इंदौर में उत्पादन रसायनज्ञ के रूप में काम किया था।

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