यूरिक एसिड की समस्या से जूझ रहे लोग दाल से हमेशा दूरी बनाते हैं। उनके लिए हाई प्रोटीन और प्यूरिन से भरपूर दाल दुश्मन की तरह है। लेकिन, आपको यह जान कर हैरानी हो सकती है कि दाल में करी पत्ते का तड़का लगाने का सबसे पुरान नुस्खा, असल में यूरिक एसिड के मरीजों के लिए फायदेमंद है। जी हां, दरअसल इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है यूरिक एसिड में करी पत्ता खाने के फायदे जिसकी वजह से यूरिक एसिड कंट्रोल में रह सकता है। कैसे, जानते हैं।
दाल में करी पत्ता क्यों डालना चाहिए-
जैसा कि हमने आपको बताया कि दाल, यूरिक एसिड के मरीजों का दुश्मन है। ऐसे में जब आप दाल बनाते समय शुरुआत में ही करी पत्ता डाल देते हैं तो, ये दाल से निकलने वाली गैस को कम करने के साथ इसके प्यूरिन को पचाने में मदद करता है। साथ ही करी पत्ता के एंटीऑक्सीडेंट अर्क यूरिया, यूरिक एसिड और क्रिएटिनिन के स्तर में काफी कम कर सकता है। इसके अलावा भी ये कई प्रकार से फायदेमंद है। जानते हैं विस्तार से।
यूरिक एसिड में दाल खाने के फायदे
जैसा कि आप जानते हैं कि प्यूरिन एक मुख्य वजह है जिसके कारण शरीर में यूरिक एसिड तेजी से बढ़ता है। ऐसे में करी पत्ता के लिनालूल (linalool), अल्फा-टेरपिनीन (alpha-terpinene), मिरसीन (myrcene), महानिम्बाइन (mahanimbine), कैरियोफिलीन (caryophyllene), मुर्रेयानोल (murrayanol) और अल्फा-पिनीन (alpha-pinene) जैसे तत्व एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं और प्यूरिन को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
















