रायपुर (सारनाथ एक्सप्रेस)। वर्ष 2021 के अंतिम माह दिसम्बर के अंक में हम साक्षात्कार की इस कड़ी में छत्तीसगढ़ पुलिस के एक बेहतरीन पुलिस ऑफिसर से आपको रूबरू करवा रहे है जो कि ऑपरेशन मुश्कान, केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा उत्कृष्ट विवेचना के लिए पुरस्कृत हो चुके है। सरकार ने इन्हें दो माह पूर्व ही राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौपी है। जी हां हम बात कर रहे है अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण कीर्तन राठौर की। इन्होंने अपने अब तक के सफर को आपसे साझा किया।
एएसपी कीर्तन राठौर की प्रारंभिक, माध्यमिक और हाई स्कूल तक की शिक्षा ग्राम गतौरा जिला बिलासपुर के शासकीय स्कूल में हुई। इन्होंने हायर सेकेंडरी की शिक्षा संत जोसफ हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से बायोलॉजी में स्नातक और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल किया। स्नातक के बाद से ही यह सीजीपीएससी कि तैयारी में जुट गए। अपने अथक परिश्रम से पहले ही प्रयास में वर्ष 2005 के सीजी पीएससी में डीएसपी के लिए चयनित हुए। इनकी पहली पोस्टिंग नारायणपुर जिला में हुआ फिर बेसिक ट्रेनिंग के लिए पुलिस एकेडमी चंदखुरी गए। बेसिक ट्रेनिंग के बाद जिला ट्रेनिंग के लिए वर्ष 2009-10 में दुर्ग जिला पोस्टिंग हुआ, जहा यह मोहननगर, छावनी, गुंडरदेही (अब जिला बालोद) थाना में पदस्थ रहे।
वर्ष 2010-11 में इन्हें एसडीओपी अंतागढ़ (कांकेर) की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्ष 2011 से 2013 तक इन्हें डीएसपी नक्सल ऑपरेशन जशपुर की जिम्मेदारी दी गई इस दौरान इन्हें एसडीओपी बगीचा और एसडीओपी कुनकुरी का अतिरिक्त प्रभार मिला।
वर्ष 2013 से 2015 तक यह सीएसपी कोरबा के पद पर पदस्थ रहे इसी दौरान मार्च 2015 में इनका प्रमोशन हुआ और यह डीएसपी से एएसपी प्रमोट हुए।
प्रमोशन के बाद इन्हें एएसपी बैकुंठपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई जहां इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2016 से 2018 तक इन्होंने एएसपी मानपुर के पद पर सेवाएं दी इसके पश्चात इन्हें एएसपी कोरबा की जिम्मेदारी सौंपी गई। सितंबर 2018 से सितंबर 2020 तक एएसपी कांकेर के पद पर अपनी सेवाएं दी। सितम्बर 2020 से सितंबर 2021 तक इन्होंने दोबारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा के पद पर अपनी सेवाएं दी। सितंबर 2021 में सरकार ने इन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौपते हुए राजधानी का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण की कमान सौंपी है जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है।
एएसपी कीर्तन राठौर अपने माता-पिता को अपना आदर्श मानते है और अपनी धर्मपत्नी इंदु राठौर को प्रत्येक कार्य व सफलता के लिए प्रेरणास्रोत मानते है। अपने सीनियर्स को देखकर उनसे प्रेरणा लेकर पुलिस विभाग में आये है।
कांकेर पदस्थापना के दौरान गुम हुए बच्चों को ढूंढने के लिए चलाए गए “ऑपरेशन मुस्कान” में बेहतर कार्य के लिए राज्य बाल संरक्षण आयोग और छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री से पुरस्कृत किया जा चुका है वही वर्ष 2019 में कोरबा पदस्थापना के दौरान बच्चों से सम्बंधित मामलों में उत्कृष्ट विवेचना के लिए इन्हें केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा बेस्ट इन्वेस्टिगेशन का अवार्ड भी दिया जा चुका है। इसमें 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
एएसपी कीर्तन राठौर ने अपने कैरियर के अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि को याद करते हुए बताया कि कांकेर जिले में पदस्थापना के दौरान नक्सलियों का शहरी नेटवर्क के विरुद्ध की गई कार्यवाही के लिए गठित विशेष अनुसंधान टीम का नेतृत्व करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त किया गया।
जिला कोरबा में पदस्थापना के दौरान थाना लेमरू में पहाड़ी कोरवा परिवार के ट्रिपल हत्याकांड , और थाना उरगा के भैषमा गांव में पूर्व उप मुख्यमंत्री प्यारे लाल कँवर के पुत्र सहित परिवार के ट्रिपल हत्याकांड को अत्यंत अल्पसमय में सुलझाने एवं आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एएसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि जो लोग परेशान है, पीड़ित है उनकी समस्याओं को दूर कर उनको न्याय दिलाना ही मेरे काम करने का मुख्य उद्देश्य रहा है। जो लोग पीएसपी या किसी भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में लगे है उन्हें मैं यही सलाह दूंगा की लक्ष्य निर्धारित करके एकाग्र होकर बिना इधर-उधर डायवर्ट हुए तैयारी करे सफलता जरूर मिलेगी। युवा हमारे देश के भविष्य है, वो देश के तरक्की में अपना अहम योगदान दे। नशा और सामाजिक बुराईयों से दूर रहे और इसके लिए दूसरों को भी प्रेरित करें।
एएसपी कीर्तन राठौर की धर्मपत्नी इंदू राठौर गृहणी है इनका एक पुत्र वैभव राठौर और एक पुत्री इनाया राठौर है। इनके छोटे भाई संतोष राठौर छत्तीसगढ़ पुलिस में सिपाही है और बिलासपुर में पदस्थ है।















