केंद्र की मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सहकारी समितियों को कंप्यूटर से जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार समितियों के रजिस्ट्रार को फंड देगी…
नईदिल्ली (ए)। डिजिटल इंडिया केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्कीम है। डिजिटल इंडिया के तहत कई बड़े फैसले लिए गए हैं। कंप्यूटर और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के कारण आम जनता के जीवन में भी काफी बदलाव हुए हैं। ईज ऑफ लिविंग में एक फैक्टर कंप्यूटर साक्षरता भी है। एक समय था जब कंप्यूटर को केवल शहरों और एलीट वर्ग से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन पहली बार केंद्र की मोदी सरकार ने कम्प्यूटरीकरण के लिए राज्यों को फंड देने का फैसला लिया है।
सहकारी समितियों के लिए कंप्यूटर का इंतजाम
केंद्र सरकार ने रविवार को बताया कि एक ऐतिहासिक निर्णय में पहली बार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) की सहकारी समितियों को कंप्यूटर से जोड़ने के लिए पैसे दिए जाएंगे। फैसले के मुताबिक कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों (एआरडीबी) की सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को केंद्र सरकार फंड जारी करेगी।
225.09 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
कम्प्यूटरीकरण के फैसले के बारे में सहकारिता मंत्रालय ने रविवार को कहा, इस योजना पर कुल अनुमानित व्यय 225.09 करोड़ रुपये होगा। लोगों को राज्यों के सहकारी विभागों और एआरडीबी कार्यालयों से होने वाले काम में काफी मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि कंप्यूटर से जुड़ने के बाद सेवाओं तक आसान और तेजी से पहुंच के साथ ही सहकारी समितियों के कार्यालयों के कामकाज में पारदर्शिता और एकरूपता भी आएगी।














