प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई विकसित देश अपने यहां से अवैध अप्रवासियों को बाहर कर रहे हैं, लेकिन यहां घुसपैठियों को संरक्षण देने के लिए अदालतों पर अनुचित दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए हमारे युवाओं को उनके अधिकारों और आजीविका से वंचित कर रहे हैं और आदिवासी समुदायों की वास्तविक भूमि पर कब्जा कर रहे हैं…
नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन की कार्यशैली हमेशा “लटकाना, अटकाना और भटकाना” वाली रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस केवल “जीप और खच्चर मॉडल” को ही समझती है।
पीएम मोदी ने कहा, “मैं एक बात बताना चाहता हूं। जब मेरा जन्म भी नहीं हुआ था, तब सरदार वल्लभभाई पटेल ने नर्मदा नदी पर बांध बनाने की कल्पना की थी। विषय तय हो गया था, लेकिन सरदार साहब नहीं रहे। पंडित नेहरू ने इसका शिलान्यास किया, और जब मैं प्रधानमंत्री बना, तब इसका उद्घाटन किया। यही कांग्रेस का हाल है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में जो योजना 900 करोड़ रुपए में पूरी होनी थी, उसे 90 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचा दिया गया। उन्होंने कहा कि कई जिलों को पिछड़ा मानकर छोड़ दिया गया, जहां करोड़ों लोगों की मूलभूत जरूरतों को भी नकार दिया गया।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले हालात ऐसे थे कि पिछड़े जिलों को सजा की पोस्टिंग माना जाता था। ऐसे जिलों में अधिकारियों को जानबूझकर भेजा जाता था, जिससे वहां की स्थिति और खराब होती चली गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस सोच को बदला। पिछड़े जिलों में युवा और होनहार अधिकारियों को नियुक्त किया गया और उन्हें तीन साल का पूरा समय दिया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर का उदाहरण देते हुए कहा कि आज बस्तर पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा है और विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है।
पीएम मोदी ने बताया कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब नर्मदा सरदार सरोवर बांध के लिए उन्हें तीन दिन तक अनशन करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद को दांव पर लगाया, तब जाकर केंद्र सरकार से इस परियोजना को मंजूरी मिली।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कई परियोजनाएं सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए घोषित की गईं और कभी पूरी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए ट्रेन की घोषणा संसद में हुई थी, लेकिन उनके कार्यकाल तक आते-आते उसका डिजाइन तक तैयार नहीं हुआ था।
पीएम मोदी ने जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लाइन का जिक्र करते हुए कहा कि यह परियोजना करीब 30 वर्षों तक लटकी रही। उन्होंने कहा कि इतने समय में दो पीढ़ियां आगे बढ़ जाती हैं, लेकिन उनकी सरकार ने इसे पूरा कर दिखाया।
प्रधानमंत्री ने असम के बोगीबील ब्रिज का भी उदाहरण दिया और कहा कि वर्षों तक लटके इस प्रोजेक्ट को उनकी सरकार ने ‘प्रगति’ के जरिए पूरा किया। यह ब्रिज असम और अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क माध्यम है।
प्रधानमंत्री ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में निर्ममता के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, लेकिन वहां के नेता उपदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के समृद्ध देश भी अवैध नागरिकों को बाहर निकाल रहे हैं, लेकिन यहां घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर दबाव डाला जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति में डूबे लोगों ने कभी भी देश को मजबूत करने को प्राथमिकता नहीं दी। कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मैं साफ-साफ कहना चाहता हूं कि उनके पास न कोई सोच थी, न कोई विजन और न ही कोई इच्छाशक्ति।”
पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में हुए व्यापार समझौतों से देश के युवाओं को व्यापक लाभ होगा। इसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवा, मध्यम वर्ग के युवा, हमारे बेटे और बेटियां सभी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार अब उनके लिए खुल चुके हैं और नए अवसर उनका इंतजार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं अपने युवाओं को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूं। दुनिया आपकी प्रतिभाओं और महत्वाकांक्षाओं का स्वागत करने के लिए तैयार है।”
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की बड़ी ऊर्जा पिछली गलतियों को सुधारने में लगी है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय बनी देश की नकारात्मक छवि को बदलने का काम किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से फ्यूचर-रेडी नीतियों पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा, “आज देश नीति के आधार पर चल रहा है, इसी कारण विश्व में भारत पर भरोसा बना है। आज भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है।”
















